
हरीश यादव – आज पिथौरा ब्लाँक के धान खरीदी केन्दो के औचक निरिक्षण मे जिले के कलेक्टर डोमेन सिंह पँहुचे थे। बता दें कि कलेक्टर डोमन सिंह आज पिथौरा ब्लाँक के गाँव कौहाकुडा सराईपाली पहुंचे, कलेक्टर के गाँव मे पँहुचते ही गामीण व ब्लाँक के सभी विभागों के अधिकारी एस डी एम राकेश गोलक्षा प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारी मौके पर पहुंच गए
आपको बता दें पिथौरा ब्लाँक के ग्राम सराईपाली मे महासमुन्द के कलेक्टर वर्ष सन 86- 87 मे इसी गाँव मे सहायक शिक्षक के पद पर पदस्त होकर सेवा दी थी। यहां कलेक्टर डोमन सिंह ने गाँव पर पहुंच कर जन चौपाल लगाकर ग्रामीणों की सबसे पहले तो समस्या सुनी उसके बाद कलेक्टर ने बातो ही बातो मे एक एक कर बुजुर्ग व्यक्तियों से पुछा , पुराना स्कुल कहां पास है।
इस बात से ग्रामीण हतप्रभ रह गये , कुछ व्यक्तियों द्वारा बताया गया कि स्कुल पुराने व जर्जर हो चुके थे अब तो अबनये बन गये तो कलेक्टर डोमन सिंह ने कहा कि स्कूल तो बस्ती के भीतर था इस बात पर पुराने बुजुर्ग व्यक्ति ने बताया कि एक घर में पहले स्कुल संचालित होती थी जिसके बाद कलेक्टर बस्ती की ओर पैदल ही निकल पडे। जिसके बाद एक किलोमीटर दूर एक घर मे जा कर रुके वो घर नोहर दिवान का घर था जहां कभी स्कूल हुआ करता था।

कलेक्टर डोमन सिंह ने उस जगह को तुरंत पहचान लिया और जगह को देखते ही वे भावुक हो गये। मौके पर पहुंचे पत्रकारो को कलेक्टर ने भावुकता में कहा कि एक फोटो मेरा खिच दो। ग्रामीणो को कुछ भी समझ नही आ रहा था कि आखिर चल क्या रहा है। तभी गाँव एक बुजुर्ग महिला निराबाई पटेल ने कलेक्टर को आखिरकार पहचान लिया उसके बाद ग्रामीणों के चेहरे खुशी छा गई और अपने पुराने शिक्षक को देख सभी भावविभोर हो गए। इसके बाद कलेक्टर डोमन सिह उस घर पे गये उस घर पे कभी रहा करते थे।
कलेक्टर डोमन सिह ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया की सन 86 -87 मे मै महासमुन्द जिले के पिथौरा विकास खन्ड के ग्राम सराईपाली मे शिक्षक के पद पर पदस्त हुआ था। करीब तीन माह की सेवा मैने इस गांव में की थी। उन्होंने कहा कि आज मैने पिथौरा ब्लाँक के धान खरीदी केन्द्र व गोठानो का निरिक्षण कीया साथ ही साथ मैने ग्राम सराईपाली के समस्या को भी सुना व अधिकारियों को निर्देश दिया।




