छत्तीसगढ़ कोरोना टेस्टिंग में सुरक्षित प्रदेश माना जा रहा था पर इस समय छत्तीसगढ़ राज्य में कोरोना को लेकर बहुत ढिलाई बरती जा रही है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बीते दो दिनों में जो आंकड़े जारी किए हैं वो बेहद चौंकाने वाले और चिंताजनक हैं. इन आंकड़ों के सामने आने के बाद कोरोना से सुरक्षा के व्यवस्था को लेकर पहले से हमलावर बीजेपी सरकार पर और हमलावर हो गई है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार कोरोना टेस्टिंग के केस में छत्तीसगढ़ देश में सबसे फिसड्डी साबित हुवा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक छत्तीसगढ़ में प्रति 10 लाख में केवल 225 लोगों का कोरोना परीक्षण हो रहा है जबकि देश में प्रति 10 लाख 580 लोगों का कोरोना टेस्ट हो रहा है।
वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक देश के 23 राज्य के टेस्टिंग के मामले में छत्तीसगढ़ से काफी आगे हैं। देश के 50 फीसदी से अधिक रिकवरी रेट वाले 22 राज्यों की जारी लिस्ट में छत्तीसगढ़ 21वें यानी नीचे से दूसरे पायदान पर है। छत्तीसगढ़ का रिकवरी रेट 63.50 प्रतिशत है. वहीं देश का रिकवरी रेट 74.30 प्रतिशत है।
इस मामले को लेकर भाजपा ने छत्तीसगढ़ में कोरोना नियंत्रण स्थिति पर भूपेश सरकार पर निशाना साधा है. पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि, ”सरकार राजनीतिक कार्यक्रमों में व्यस्त है इसलिए कोरोना की चिंता नहीं कर रही है, आंकड़े सरकार की व्यवस्था की पोल खोल रहे हैं।



