
इलाहाबाद से परिजनों के साथ मामा के घर घूमने राजेंद्र नगर आई 16 साल की किशोरी ने बुधवार की दोपहर को फांसी लगा ली। अभी तक उसके खुदकुशी करने के कारणों का पता नहीं चला है। घरवालों के अनुसार वह मोबाइल का उपयोग नहीं करती थी। उसके पास या कमरे से सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ है। पुलिस पूछताछ कर रही है। घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र की है। राजेंद्र नगर निवासी संतोष केशरवानी मूल रूप से उत्तरप्रदेश के रहने वाले हैं। वे बृहस्पति बाजार के पास हनुमान गली में किराए के मकान में रहते हैं। बिलासपुर में फल ठेला लगाते हैं। उनकी बहन राखी मनाने परिवार सहित इलाहाबाद से बिलासपुर आई हुई थी। परिवार के साथ भाई के घर में थी। बहन जीजा के साथ उनकी 16 साल की भांजी रागिनी भी उनके शामिल थी। रागिनी नवमीं कक्षा की छात्रा थी। दोपहर को सभी घर पर थे। खाना खाकर एक साथ बैठकर बातचीत कर रहे थे।
किशोरी करीब 12 बजे मकान के ऊपर मंजिल पर बने एक कमरे में चली गई। काफी देर तक वह नीचे नहीं आई तो उसकी मां व पिता ने उसे आवाज दिया। किसी तरह का जवाब नहीं आया तो दोनों उस कमरे में गए। यहां का दरवाजा भीतर से बंद था। उन्होंने रागिनी को आवाज दी और दरवाजा भी खटखटाया पर कोई जवाब नहीं मिला तो उन्हें संदेह हुआ और खिड़की से झांककर देखा। अंदर रागिनी का शरीर फंदे पर लटक रहा था। उसने दुपट्टे से फांसी लगा ली थी। इसका एक छोर गले में था जबकि दूसरा पंखे के लिए लगाए गए हुक में बंधा था। मां-पिता दोनों ने मिलकर किसी तरह बंदर दरवाजा खोला और भीतर जाकर रागिनी के गले से फंदा काटा फिर उसे नीचे उतारकर घर के बाकी सदस्यों को घटना की जानकारी दी। जीवित होने के संदेह पर उसे सिम्स लेकर गए।
एफआईआर यहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। रागिनी के पिता इलाहाबाद में चाट गुपचुप बेचते हैं। सूचना मिलने पर सिविल लाइन पुलिस पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराई। रागिनी के परिजनों ने पूछताछ में खुदकुशी के कारणों की जानकारी नहीं दी है। कहा इस बारे में उन्हें भी कुछ नहीं पता है। कमरे से सुसाइड नोट भी नहीं मिला। परिजनों ने ही पुलिस को बताया कि रागिनी के पास मोबाइल भी नहीं था। पुलिस फिलहाल मर्ग कायम कर जांच कर रही है।



