छत्तीसगढ़ विधानसभा में अनूपूरक बजट के दौरान आखिर में विपक्ष के सवालों और आपत्तियों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जमकर बरसे। उन्होंने जवाब देते हुवे कहा कि किसानों आदिवासियों और महिलाओं की प्रगति के प्रति संकल्प को दोहराते हुए सदन से कहा कि यदि और कर्जे लेने की जरुरत पड़ेगी तो और लेंगे लेकिन किसान को फाँसी लगाने नहीं देंगे।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि कर्जा पर खूब बातें हुई ये बात करने वाले जरा ये तो बताये कि जीएसटी जब लागू हुई तो खूब तारीफ़ किए थे उसमे से राज्य का हिस्सा कहाँ गया? 5 महिने की राशि 2800 करोड़ अगर हमको मिल जाता तो कर्जा लेने की जरुरत ही नहीं पड़ती। उन्होंने पूछा कि आप लोगों ने इसके लिए क्या किया? राज्य के हक का पैसा नहीं मिलेगा तो प्रभाव तो पड़ेगा लेकिन यह विश्वव्यापी दौर है।
CM भूपेश बघेल ने कहा कि 2003 में हम ख़ज़ाने में चार सौ करोड़ छोड़ कर गए थे। पंद्रह साल बाद आप 21हज़ार करोड़ का कर्जा देकर हमें गए। विपरित स्थितियों में किसान को हमने पैसे दिए हैं और जरुरत पड़ी तो और भी क़र्ज़ लेंगे लेकिन किसान को फाँसी नहीं लगाने देंगे, विकास का पैमाना सड़क बिजली आपकी नगर में है हमारी नजर में किसान आदिवासी महिलाएं हैं।
राम मंदिर मुद्दे को लेकर धन्यवाद प्रस्ताव के विपक्षी सलाह का ज़िक्र करते हुए सीएम भूपेश बघेल ने कहा हमारे नेता राजीव जी ने पहले ही कहा था कोर्ट में जो फ़ैसला होगा वो मानेंगे। वो मसला दूसरे राज्य का था आप लोग ये बताईए कि छत्तीसगढ़ के लिए क्या किए, आपको राम वन गमन मार्ग का ख़्याल क्यों नहीं आया क्योंकि राम राम जपना और…………. यही मामला है।




