IAF 90th foundation day – क्यूं मनाती है भारतीय वायुसेना आज स्थापना दिवस, जानें इतिहास |

भारतीय वायुसेना आज 8 अक्टूबर को अपना 90वां स्थापना दिवस ( IAF Day ) मना रही है। यह दिन हर भारतीय नागरिक के लिए दुनिया की सबसे ताकतवर वायुसेनाओं में शुमार इंडियन एयरफोर्स पर गर्व करने का दिन है। दरअसल 8 अक्टूबर 1932 को वायुसेना की स्थापना की गई थी इसीलिए हर साल 8 अक्टूबर वायुसेना दिवस मनाया जाता है।
हर बार स्थापना दिवस के मौके पर भारतीय वायुसेना अपनी ताकत दिखाती है। शानदार परेड और भव्य एयर शो का आयोजन होता है। इस बार यह कार्यक्रम चंडगढ़ के सुखना झील परिसर में हो रहा है। यह पहला मौका है जब वायुसेना ने वार्षिक वायुसेना दिवस परेड और फ्लाई पास्ट का आयोजन दिल्ली-एनसीआर से बाहर करने का फैसला किया है।
Read Also – इस तरह आसानी से छुड़वाया जा सकता है शराब की लत, जानें कारगर उपाय
वायुसेना दिवस फ्लाई पास्ट में करीब 80 सैन्य विमान और हेलीकॉप्टर हिस्सा लेंगे। हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर (एलसीएच) प्रचंड, हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस, सुखोई, मिग-29, जगुआर, राफेल, आईएल-76, सी-130जे, हॉक, हेलीकॉप्टरों में हल्के हेलीकॉप्टर ध्रुव, चिनूक, अपाचे और एमआई-17 फ्लाई पास्ट का हिस्सा होंगे।
Read Also – ऐसे आसानी से बनाइये टमाटर और बेसन का फेस पैक, खिल उठेगी त्वचा
पहले वायुसेना को रॉयल इंडियन एयर फोर्स (आरआईएएफ) कहा जाता था। 1 अप्रैल 1933 को वायुसेना का पहला दस्ता बना जिसमें 6 आएएफ-ट्रेंड ऑफिसर और 19 हवाई सिपाहियों को शामिल किया गया था। आजादी के बाद वायुसेना के नाम में से “रॉयल” शब्द को हटाकर सिर्फ “इंडियन एयरफोर्स” कर दिया गया था। भारतीय वायुसेना ने द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान भी अहम भूमिका निभाई थी।
आजादी से पहले वायु सेना आर्मी के तहत ही काम करती थी। एयर फोर्स को आर्मी से ‘आजाद’ करने का श्रेय भारतीय वायु सेना के पहले कमांडर इन चीफ, एयर मार्शल सर थॉमस डब्ल्यू एल्महर्स्ट को जाता है। आजादी के बाद सर थॉमस डब्ल्यू एल्महर्स्ट को भारतीय वायु सेना का पहला चीफ, एयर मार्शल बनाया गया था। वह 15 अगस्त 1947 से 22 फरवरी 1950 तक इस पद पर बने रहे थे।
Read Also – Viral – पालतु कुत्ते का शिकार करने घर में घुस आया तेंदुआ, घूमता रहा इस कमरे से उस कमरे
भारतीय वायुसेना का आदर्श वाक्य है- ‘नभ: स्पृशं दीप्तम’। यह गीता के 11वें अध्याय से लिया गया है। यह महाभारत के युद्ध के दौरान कुरूक्षेत्र में भगवान श्री कृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए उपदेश का एक अंश है।
वायुसेना ध्वज
वायुसेना ध्वज, वायु सेना निशान से अलग, नीले रंग का है जिसके शुरुआती एक चौथाई भाग में राष्ट्रीय ध्वज बना है और बीच के हिस्से में राष्ट्रीय ध्वज के तीनों रंगों अर्थात् केसरिया, श्वेत और हरे रंग से बना एक वृत्त (गोलाकार आकृति) है। यह ध्वज 1951 में अपनाया गया।




