पिछले एक महीने से देश में कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ने लगा है. हालांकि कोरोना वायरस से बचने के लिए अब देश में टीकाकरण अभियान भी तेजी से चलाया जा रहा है। अब एक अप्रैल के बाद से देश में 45 साल से ऊपर के लोगों को भी कोरोना वैक्सीन दी जाएगी चाहे उन्हें कोई गंभीर बीमारी हो या नहीं। देश में कोरोना वैक्सीन अब पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इस बात की जानकारी मीडिया से बातचीत के दौरान दी। आपको बता दें कि देश में कोरोना वैक्सीन का निर्माण होने के बाद से 16 जनवरी से 60 साल से ऊपर के लोगों को कोरोना वैक्सीन दी जा रही है।
read also..देश में आने वाले दिन बहुत खतरनाक बोले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन
आपको बता दें कि इसके पहले कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज को लेकर कई विवाद उठने लगे थे। पुणे म्युनिसिपल कॉरपोरेशन के हेल्थ डिपार्टमेंट के चीफ डॉ. आशीष भारती कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लेने के बाद भी संक्रमित हो गए थे। उनके अलावा कोविड-19 पर महाराष्ट्र सरकार के सलाहकार डॉ. सुभाष सालुंखे भी वैक्सीनेशन के बाद संक्रमित हो गए थे. दूसरी डोज लेने के भी दो सप्ताह बाद कोरोना संक्रमित होने के बाद सवाल खड़ा हो गया है कि क्या शरीर में एंटी बॉडीज बनने के बाद भी कोरोना संक्रमण हो सकता है। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने मीडिया से बातचीत में बताया कि, पहले बताया गया था कि कोरोना वैक्सीन की पहली डोज़ के बाद दूसरी डोज़ 4 से 6 सप्ताह में ही लेनी चाहिए, लेकिन अब वैज्ञानिकों ने पाया हैं कि कोविशील्ड वैक्सीन का दूसरा डोज़ 4 से 8 सप्ताह के दौरान लेना ठीक है।
डॉ. सुभाष सालुंखे ने कोरोना पॉजिटिव होने के बाद केंद्र और राज्य सरकार को पत्र लिखकर कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज को टालने का आग्रह किया गया था। उन्होंने यह भी कहा था कि आखिर ऐसा कौन सा वैरिएंट है जो वैक्सीनेशन के बाद भी लोगों को संक्रमित कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि वैक्सीन लेने वाले लोगों को भी कोरोना संक्रमण हो रहा है तो फिर ऐसा किए जाने की जरूरत है। फिलहाल डॉ. सुभाष सालुंखे को सरकारी अस्पताल में एडमिट कराया गया है. डॉक्टरों के मुताबिक सालुंखे को मामूली लक्षण ही है।




