गंडई क्षेत्र के जगमड़वा गांव के समीप नदी में चट्टानों के बीच एक 10 वर्षीय बालक का पैर फंस जाने के बाद उसे लगभग 10 घंटे की कडी़ मशक्कत के बाद नदी से निकालने में एनडीआरएफ की टीम ने सफलता हासिल की और बालक को सकुशल निकाला गया।
राजनांदगांव जिले के गंडई क्षेत्र के ग्राम जगमड़वा के रैमड़वा नदी में 10 वर्षीय बालक अनिल पारधी अपने कुछ दोस्तों के साथ नहाने गया था। इस दौरान मछली पकड़ने के फेर में वह चट्टान पर बैठा हुआ था तभी उसका पैर फिसला और पैर चट्टान के बीच दरार में जा फंसा। बीते सोमवार की दोपहर लगभग 3:00 बजे हुई इस घटना में बालक अपने पैर को चट्टान से निकालने काफी मशक्कत करता रहा पर पैर बाहर नही निकल सका। दोस्तो ने मामले की जानकारी बच्चे के परिजन सहित अन्य को दी, जिसके बाद थोड़ी ही देर में पूरा गांव और आस पास के लोग इक्कठे हो गए। ग्रामीणों ने बालक को निकालने का प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हो पाए तब उन्होंने प्रशासन को मामले की सूचना दी।
जिसके बाद प्रशासन की टीम जेसीबी की मदद से चट्टान को तोड़ने में जुटी लेकिन बच्चे की सुरक्षा को देखते हुए वह सफल नहीं हो पाई। शाम लगभग 7:45 बजे रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए एनडीआरएफ की टीम को भिलाई में सूचना दी गई। जिसके बाद भिलाई से पहुंची टीम ने रात लगभग 10:15 बजे बालक अनिल पारधी को बचाने में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर जुट गई, इस दौरान राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीम ने नदी में मौजूद चट्टान को ब्लेड से काट कर बालक को रात लगभग 1:20 बजे सुरक्षित निकाल लिया।
सीने तक पानी के अंदर चट्टान के बीच फंसे बालक के पैर को निकालने काफी मशक्कत किया गया। नदी का बहाव तेज थी। एनडीआरएफ की टीम ने बालक के इर्दगिर्द बोरियों में मिट्टी भर कर पानी को रोक कर 2 नग पम्प की मदद से पानी को कम किया। तब कही चटटान को काटकर बालक को सुरक्षित निकाला जा सका। इस दौरान बालक के निकलने के बाद उसका चिकित्सकीय परीक्षण किया गया, जिसमें डॉक्टरों ने उसके कुशल होने की बात कही।
पूरे रेस्क्यू के दौरान NDRF भिलाई की टीम, गंडई तहसीलदार प्रफुल्ल गुप्ता, एसडीओपी राजेश जोशी, थाना प्रभारी सुषमा सिंह, डॉक्टर प्रशांत सोनी की पूरी एवम पूरा प्रशासनिक अमला मौके पर डाटा रहा। बालक के सुरक्षित निकलने के बाद बालक के परिजन से गांव के लोगों ने राहत की सांस ली और प्रेस के ऑपरेशन में जुटी पूरी टीम की सराहना की।




