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देह व्यापार में लिप्त महिला ने ढाई लाख में ली थी डिप्टी रेंजर की हत्या की सुपारी, कटघोरा के मामले का खुलासा

कटघोरा थाना क्षेत्र अंतर्गत कसनिया पुराने बैरियर के निकट डिप्टी रेंजर का शव शनिवार को पड़ा मिला था। पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर घटना की जांच शुरू की। डिप्टी रेंजर कंचन पाटले कटघोरा वन मंडल अंतर्गत कसनिया में पदस्थ थे। रोज की तरह 13 मार्च को खाना खाकर रात को ड्यूटी के लिए वो निकले थे। लेकिन रात 9 बजे के बाद अचानक उनका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। परिजनों ने जब उनकी तलाश की तो पुराना बैरियर के पास रोड के बाजू में उनका शव पड़ा हुआ मिला।

घटना की जानकारी जैसे ही कटघोरा पुलिस को मिली पुलिस मौके पर पहुंची। मामले की खोजबीन शुरू की गई। फॉरेंसिक एक्सपर्ट और डॉग स्क़वाड की मदद से पुलिस ने जांच की कार्रवाई आगे बढ़ाई। इस बीच साइबर टीम को भी लगाया गया। घटनास्थल पर पुलिस को कुछ ऐसे साक्ष्य मिले,जिससे पुलिस को यह मामला हत्या का प्रतीत हुआ। इस आधार पर पुलिस मृतक की पत्नी संतोषी पाटले तथा साढू नरेंद्र टंडन को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।

साइबर सेल से मृतक पंचराम के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर रखा। मृतक का साढू काफी शातिर था और लगातार पुलिस को दिग्भ्रमित कर रहा था। पुलिस के कड़ी पूछताछ के दौरान उसने घटना की जानकारी दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के जबड़े में सांघातिक चोट और अत्यधिक रक्तस्राव साथ ही जहर की वजह से मौत होना पाया गया। आरोपी नरेंद्र टंडन ने बताया कि कंचराम पाटले ने अपने बड़े भाई की मृत्यु के बाद उसकी पत्नी संतोषी को चूड़ी पहनाकर पत्नी बनाया था।

आरोपी नरेंद्र संतोषी का जीजा है। मृतक की पत्नी का जीजा के साथ अवैध संबंध था। इसकी जानकारी मृतक को हो गई थी। बताया जा रहा है कि नरेंद्र ने मृतक से पैसे लेकर अपने नाम से ट्रैक्टर खरीद लिया और उसे बाद में मृतक को बिना बताए बेच भी दिया था। संतोषी ने अपने जेवरों को ले जाकर अपने जीजा को दे दी थी। कंचनराम डिप्टी रेंजर था,जिसकी वजह से उसकी आय अच्छी थी साथ ही पैतृक भूमि भी थी। गांव में पक्का मकान था। मृतक की संपत्ति पर नरेंद्र की नजर थी।

उसने संतोषी के साथ मिलकर नौकरी, पेंशन तथा पैतृक जमीन को हथियाने की योजना बनाई। योजना के मुताबिक संतोषी पति से लड़ाई झगड़ा कर नरेंद्र टंडन के पास चली गई। इन दोनों ने अपने मकसद को अंजाम तक पहुंचाने के लिए राजेश जांगरे उर्फ राजू से संपर्क किया। उन्होंने बिलासपुर में रहने वाली देह व्यापार में लिप्त महिला से संपर्क किया। उक्त महिला अपने प्रेमी कमल कुमार के साथ नरेंद्र टंडन व राजेश से मिलने पहुंची। उक्त महिला झाड़-फूंक से डिप्टी रेंजर को मारने के लिए तैयार हो गई। इस काम के लिए उन्हें ढाई लाख रुपए मांगे। योजना के मुताबिक महिला पूर्णिमा ने मृतक का मोबाइल नंबर एवं जहरीला पाउडर की पुड़िया लेकर उसकी भतीजी ज्योति के मिर्गी इलाज के लिए बैगा लेकर आने की बात कर कर उससे संपर्क की।

पूर्णिमा ने मोबाइल पर डिप्टी रेंजर कंचराम से संपर्क कर उसे बताया कि वह उसकी भतीजी का इलाज कराने के लिए बैगा लेकर पहुंची है। वह ड्यूटी स्थल से बाहर आकर उसे मिले। कंचराम उसकी बातों में आकर रोड के पास जैसे ही पहुंचा आरोपियों ने उसे बलपूर्वक पकड़कर कार के अंदर बैठाया और उसे जबरदस्ती जहरीला पाउडर घोलकर पिला दिया। कार में उपस्थित अन्य आरोपियों ने उसके नाक व मुंह को दबा दिए, जिसके पश्चात लगभग एक से डेढ़ किलोमीटर की दूर ले गए और पुराना बैरियर के पास रोड किनारे उसे फेंक दिए।

घटना के मास्टरमाइंड नरेंद्र टंडन तंगली के पास से मुंह में सांघातिक वॉर किया। हत्या में प्रयुक्त प्लास्टिक छोटे बोतल अन्य सामान को सड़क के विपरीत दिशा में झाड़ियों में छुपा दिया साथ ही हत्या में प्रयुक्त टंगली को भी कसनिया जंगल के अंदर छिपा दिया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त सभी चीजों को जब्त कर लिया है। घटना की जानकारी के बाद पुलिस ने इस मामले में सुपारी लेने वाली महिला पूर्णिमा साहू,कमल कुमार ,ऋषि कुमार,राम कुमार श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया।

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