लेमरु प्रोजेक्ट में सरगुजा के तीस गाँव के शामिल होने को लेकर प्रशासनिक क़वायद ने क्षेत्रीय विधायक और स्वास्थ्य और पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव को नाराज कर दिया है। मंत्री सिंहदेव से क्षेत्रीय ग्रामीण लगातार संपर्क कर रहे थे और उनके द्वारा यह बताया जा रहा था कि अधिकारी गाँव पहुँच कर लेमरु प्रोजेक्ट में गाँव के शामिल होने को लेकर सहमति माँग रहे हैं।इस मसले पर ग्रामीणों से मिली जानकारी के बाद बिफरे मंत्री टी एस सिंहदेव ने मंच से कहा कि “ मैं आपके साथ हूँ.. आपके निर्णय के साथ हूँ.. मेरा व्यक्तिगत मानना है कि इन ग्रामों को जोड़ा जाना गलत है.. मेरी सलाह है ग्रामसभा में सहमति मत देना..पर अंतिम निर्णय आपका..”
ग्रामीणों से संवाद के बाद मंच से सिंहदेव ने कहा “मैं नही समझ पा रहा हूँ कि लेमरु प्रोजेक्ट का क्षेत्रफल क्यों बढ़ाया जा रहा है, और इसमें दूर किनारे बसे गाँवों को शामिल करने की क्या जरुरत है..”
लेमरु प्रोजेक्ट हाथी अभ्यारण्य है और इसकी सीमा में विस्तार करने का सरकार का निर्णय है। इसे लेकर सरगुजा वन मंडल के 38 और सूरजपुर वन मंडल के 8 गाँव इस विस्तार से लेमरु हाथी प्रोजेक्ट में शामिल हो जाएँगे। विशेष ग्राम सभाएँ आयोजित कर इसमें सहमति लेने के आदेश जारी किए गए हैं। इस आदेश के बाद प्रशासनिक हलचल ने ग्रामीणों को नाराज कर दिया।
नाराज ग्रामीणों ने लेमरु विस्तार पर तो प्रश्न उठाया ही साथ ही इस पर भी आपत्ति जताई कि,आखिर विस्तार करते हुए सड़क किनारे आबाद गाँवों को लेमरु प्रोजेक्ट में शामिल करने का औचित्य क्या है ? बेहद आक्रोशित ग्रामीणों ने दो टूक अंदाज में क्षेत्रीय विधायक सिंहदेव से दूरभाष पर हालात बताते हुए सवाल कर दिया
“बाबा तोरे सरकार है.. काए बर अईसे होत है.. कईसे करब हमन.. रैपुर से आ अउ हमन के बात गोठ समस्या ला सून..” ग्रामीणों के दो टूक अंदाज के बाद स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव उदयपुर पहुँचे और उन्होने ग्रामीणों से लंबी चर्चा करने के बाद सभी प्रशासनिक अधिकारियों की मौजुदगी में कहा “यह कतई मत सोचिए कि, बाबा इस सरकार में है और बाबा ग्रामसभा करा कर सहमति ले रहे हैं, यह लोकतंत्र है आप ही राजा हैं.. आप सहमत नही है तो फिर नही है.. जरुरत पड़ी तो आपके साथ अनशन करुंगा, धरना करुंगा.. आमरण अनशन करुंगा”
स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने यह कहा तो वहाँ अधिकारियों और मीडिया की मौजुदगी भी थी। मंत्री सिंहदेव के अंदाज और मिज़ाज से देर अधिकारियों के समुह में देर तक सन्नाटा पसरा रहा, बता दें कि ग्रामीण यही तेवर मंत्री सिंहदेव का चाह रहे थे और सिंहदेव ने उन्हे निराश भी नही किया।




