रायगढ़ से एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसमे रायगढ़ निवासी एक महिला ने पुलिसकर्मियों पर अपनी बेटी की हत्या करने का आरोप लगाया है। बता दें की महिला ने रायपुर एसपी को पत्र लिखकर इंसाफ की गुहार लगाई है। महिला ने आरोप लगाया है कि पुलिस वालों ने थाने में बुलाकर उसकी बेटी को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। जिस कारण उसकी बेटी ने आत्महत्या कर ली। रायगढ़ जिले की खंडरडीपा निवासी मीना निषाद ने रायपुर एसपी को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने बताया है, उनकी बेटी राधा निषाद रायपुर में रहकर कॉम्प्यूटर ऑपरेटर की नौकरी करती थी। जिसकी शादी सुबोधकांत निषाद से हुई थी। 30 दिसंबर 2020 को महिला के दामाद के पास रायपुर के खम्हारडीह थाने से फोन आया। थाने से मृतका राधा निषाद को पूछताछ के लिए बुलाया गया था।
read also – कृषि की नई तकनीक से वनांचल के किसान आमदनी में कर रहे हैं इजाफा
बताया कि थाने से बुलाए जाने पर राधा निषाद अपनी स्कूटी लकेर वहां पहुंची। उसी रात करीब 9 बजे थाने से आरक्षक बच्चन सिंह और एक महिला आरक्षक मृतका राधा निषाद को लेकर उसके निवास पहुंचे। मृतका थाना अपनी स्कूटी से गई थी, लेकिन उसे पुलिस की गाड़ी में घर छोड़ा गया। जैसे मृतका रायपुर स्थित अपनी बिल्डिंग में पहुंची, उसने बिल्डिंग के ऊपर से पुलिस वालों के सामने ही कूदकर आत्महत्या कर ली। जिसे तत्काल अस्पताल लाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दरअसल मृतका की एक रिश्तदार उसकी सगी बुआ कांता निषाद ने उसके ऊपर चोरी का आरोप लगाया था। कांता निषाद ने खम्हारडीह थाने इस संबंध में शिकायत दर करवाई थी। जिसके पूछताछ के लिए मृतका को थाने बुलाया गया था। मृतका की मां ने एसपी को लिखे गए पत्र में बताया है कि मृतका राधा के खिलाफ थाने में कोई भी एफआईआर दर्ज नहीं किया है।
read also – छत्तीसगढ़ – पुलिस को मिली बड़ी सफलता, 8 मोटरसाइकिल के साथ 2 आरोपी गिरफ्तार
मिली जानकारी के अनुसार मृतका की मां का आरोप यह है कि पुलिसवालों ने उसे थाने में 6 घंटे से अधिक बैठाकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। मृतका उस प्रताड़ना को सहन नहीं कर पाई और उसने आत्महत्या कर ली। इसके साथ ही मृतका की मां ने कांता निषाद को भी उसकी बेटी की हत्या का आरोपी बताया है। महिला मीना निषाद ने खम्हारडीह थाना प्रभारी, दोनों आरक्षक, मृतका की बुआ कांता निषाद सहित थाने में उपस्थित अन्य लोगों के खिलाफ बेटी की हत्या का प्रकरण दर्ज करने की मांग की है। साथ ही मामले की जांचकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।




