पिछले दस दिनों से ज्यादा समय से सोना किसी भी एक दिन के लिए अपने भाव पर स्थिर नहीं रहा. लगातार उसमें उतार चढ़ाव देखने को मिलते रहे. जानकारों की मानें तो अभी सोना और नीचे फिसलेगा. कुछ ही दिनों में सोना लगभग 4300 रुपये तक नीचे गिर चुका था और उम्मीद है कि सोने के दाम में आगे भी गिरावट जारी रहेगी. यही एक कारण है कि लोग अभी सोने में इनवेस्ट करने से बच रहे हैं कि आगे आने वाले वक्त में सोना और सस्ता होगा. शुक्रवार को स्थानीय सर्राफा बाजार में भी सोना 94 रुपये की गिरावट के साथ 52,990 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया.
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एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी. पिछले कारोबारी सत्र में सोना 53,084 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था. सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत 782 रुपये की तेजी के साथ 69,262 रुपये प्रति किलोग्राम हो गयी. पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 68,480 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी. अंतरराष्ट्रटीय बाजार में सोने का भाव 782 रुपये गिरावट के रुख के साथ 1,938 डॉलर प्रति औंस रह गया जबकि चांदी का भाव 27.19 डॉलर प्रति औंस पर अपरिवर्तित रहा.
केडिया एडवायजरी के डायरेक्टर अजय केडिया बताते हैं कि अमेरिका और चीन के बीच तनाव और डॉलर में कमजोरी के साथ-साथ शेयर बाजार में अस्थिरता लगातार जारी है, जिससे सोने को सपोर्ट मिल रहा है. उन्होंने कहा कि अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव की रेस में मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कमजोर पड़ने से शेयर बाजार की अनिश्चितता और गहरा सकती है, जिससे सोने और चांदी के प्रति निवेशकों का रुझान बढ़ेगा.
उन्होंने कहा कि केंद्रीय बैंकों की ब्याज दरें कम होने और कोरोना के कहर से मिल रही आर्थिक चुनौतियों को देखते हुए निवेशक अभी भी निवेश के सुरक्षित साधन को पसंद कर रहे हैं जिनमें सोना उनका पसंदीदा निवेश उपकरण है.हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि कोरोना के टीके की खबर के बाद सोने चांदी में गिरावट आना और फिर रिकवरी इस बात का सूचक है कि सोने और चांदी में अभी और तेजी की संभावना है जिससे निवेशकों का मनोबल और उंचा होगा और जो लोग अब तक इंतजार में थे वे खरीदारी के प्रति उत्सुक होंगे.



