बाघ के आतंक से सहमे ग्रामीण, कई मवेशियों को बना चुका शिकार |

सरगुजा के उदयपुर क्षेत्र के घाटबर्रा जंगल के बाद अब बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर क्षेत्र में भी बाघ होने के संकेत मिले हैं. बाघ ने जंगल में अब तक छह मवेशियों को शिकार बनाया है. जबकि चार मवेशी घायल हुए है. घायल मवेशियों के गले पर मिले दांत के निशान और पद चिन्हों से अधिकारी क्षेत्र में बाघ के मौजूदगी की पुष्टि कर रहे हैं.
सरगुजा जिले के डीएफओ ने घटनास्थल का मुआयना करने के साथ ही वस्तु स्थिति की जानकारी ली है. अब जल्द ही डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की टीम भी क्षेत्र में पहुंचकर मौके पर मामले की जांच करेगी. बाघ की मौजूदगी के बीच जंगल से सटी बस्तियों के ग्रामीणों को भी सतर्क रहने और जंगल में नहीं जाने की सलाह दी जा रही है.
वाड्रफनगर वन परीक्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत अलका मानपुर में बाघ की धमक से ग्रामीण दहशत में है. बाघ के हमले से दर्जनों पालतू पशुओं की मौत हो गई है. सूचना के बाद जिले के वनमंडल अधिकारी विवेकानंद झा दल-बल के साथ स्थल निरीक्षण के लिए पहुंचे.
20 अगस्त को वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र के अलका जंगल में कुछ ग्रामीण अपने मवेशी चराने गए थे. इस दौरान तेज बारिश शुरू हुई तो ग्रामीण मवेशियों को जंगल में ही छोड़कर वापस घर लौट आए. अगले दिन जब ग्रामीण वापस जंगल पहुंचे तो वहां पांच मवेशी मृत पड़े थे और उन्हें जंगली जानवर द्वारा खाया गया था. इसके साथ ही दो मवेशी गंभीर रूप से घायल थे और उनके गले पर दांत के निशान थे.





