बाल्को के रिटायर्ड कर्मी की हत्या करने वाला पुत्र गिरफ्तार, पैसा देने से किया मना तो कर दी हत्या

कोरबा पुलिस ने भूलसीडीह के फार्म हाउस में बालको के रिटायर्ड कर्मी की हत्या का पर्दाफाश कर दिया है। उसकी हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसके अपने ही बेटे ने टेंट हाउस के लिए रकम देने से मना करने पर किया था। पुलिस ने आरोपी पुत्र को गिरफ्तार कर जेल दाखिल करा दिया है।
रजगामार पुलिस चौकी अंतर्गत भूलसीडीह में बालको के रिटायर्ड कर्मी 73 वर्षीय बालेश्वर चौबे अकेले रहते थे। उनकी रक्तरंजित लाश 16 दिसंबर की सुबह उनके ही फार्म हाउस में मिली थी। किसी ने उनकी हत्या टंगिया मारकर कर दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह ने जांच निर्देश दिए थे ।
निर्देश पर बालको थाना प्रभारी मनीष नागर और पुलिस चौकी प्रभारी राजेश चंद्रवंशी जांच पड़ताल कर रहे थे। कई दिनों तक चली जांच के बाद भी पुलिस को कोई अहम जानकारी हाथ नहीं लगी, जिससे पुलिस की शक की सुई मृतक बेटों पर टिक गई। जब मुखबिर को सक्रीय किया गया तो पता चला कि पिता पुत्र के बीच संपत्ति को लेकर विवाद होता था ।
मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर मृतक के मंझले पुत्र राजेश चौबे को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उसने पूछताछ के दौरान हत्या की बात स्वीकार कर ली। पुलिस को आरोपी ने बताया कि उसके पिता के पास 13, 14 एकड़ का फार्म हाउस और चार बस थी। इसके बावजूद वह दूसरे के पास टेंट हाउस में काम करता था । वह कबाड़ में तब्दील हो चुके बसों को बेचकर खुद का टेंट हाउस चलाना चाहता था। इसके लिए बस की मांग की, लेकिन उसके पिता ने बस को देने से मना कर दिया। वह खरी खोटी सुनाने लगे , जिसे तैश में आकर टंगिया के पास से अपने पिता के सिर पर कई वार कर दिए। जिससे वृद्ध की मौत हो गई। पुलिस ने मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर धारा 302 के तहत कार्रवाई करते हुए जेल दाखिल करा दिया है।
पुलिस के लिए हर बार की तरह इस मामले में भी स्नेफर डाग बाघा मददगार साबित हुआ है। दरअसल हत्या की गुत्थी को सुलझाने पुलिस ने डॉग स्क्वायड की मदद ली, जब मास्टर सुनील गुप्ता ने टंगिया को सूंघा कर छोड़ा तो बाघा ने राजेश को दबोच लिया था, लेकिन उसने टंगिया को धोखे से छू लेने की बात कहकर गुमराह कर दिया।





