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सरगुजा जिले की पदस्थापना, बलरामपुर जिले में कर दी गयी व्यवस्था, अब जशपुर जिले के लिए नया स्थानीय आदेश, पढ़िए एक तहसीलदार की पदस्थापना के खेल की पूरी कहानी…. कांग्रेस ने की आपत्ति… पढ़िए पूरी रिपोर्ट


जशपुर -अचानक से जशपुर जिले के बग़ीचा तहसील में एक नए तहसीलदार प्रगट हो गयी हैं, जिसकी अपेक्षा अब तक नही की गई थी, क्योंकि व्यवस्थाओं के बीच एक बेहतर व्यवस्थापन बग़ीचा तहसील में चल रहा था, पर अब सरगुजा कमिश्नर के आदेश से मैनपाठ के तहसीलदार सुश्री कमलावती सिंह को प्रशाशनिक दृश्टिकोण के तहत अटैचमेंट करते हुए पदस्थ कर दिया गया है। जिनका आदेश कमिश्नर कार्यालय से ही बलरामपुर जिले के राजपुर तहसीलदार के रूप में हुआ था, जिस आदेश को कमिश्नर कार्यालय से ही संसोधित किया गया।

अब सवाल यही है कि बेहतर चल रही व्यवस्था के बीच इतने आदेश संसोधन क्यो किये गये..?,क्योंकि मूल पदस्थापना आदेश तो सरगुजा जिले के मैनपाठ का है, फिर कमिश्नर कार्यालय से आदेश हुआ बलरामपुर जिले के राजपुर तहसीलदार के रूप में, और अब आदेश संसोधित हो कर जशपुर जिले के बग़ीचा में। मतलब की तहसीलदार सरगुजा जिले में, व्यवस्था बलरामपुर, और नई व्यवस्था अब जशपुर जिले का बग़ीचा।

हालांकि जशपुर जिले के कलेक्टर रितेश अग्रवाल के निर्देशन पर कम से कम बग़ीचा में राजस्व कार्यालय के अधिकारी जनता के पार्टिशपेशन के साथ बेहतर और जनता से जुड़कर काम करते देखे जा रहे हैं, पर ऐसे आदेशों ने कहीं न कही शक सवाल और सुबह छोड़ रहे है, जहां लोग कमिश्नरी आदेश के व्यवस्था को ही अव्यवस्था बता रहे हैं। हालांकि कमिश्नर के आदेश में यह जरूर बताया गया है कि जशपुर जिले में तहसीलदारों की कमी है। मग़र कमी होते अगर व्यवस्था बेहतर है तो ऐसे आदेशो का कोई औचित्य नही, सिवाय पदस्थापना के, बल्कि ऐसे आदेश जरूर सवाल करते हैं कि बनी बनाई व्यवस्था कहीं बिगड़ न जाये।

उधर कांग्रेस के जिला पदाधिकारियों ने भी इस विषय पर आपत्ति जताई है, जहाँ जिला कांग्रेस सचिव ने नासिर अली ने मुनादी को बताया कि व्यवस्था बेहतर चल रही थी, शासन के नियंत्रण में प्रशासन बेहतर काम कर रहा है, पर इस तरह की पदस्थापना समझ से परे है, जहां तक मुझे जानकारी है, भूमाफियाओं की यह कारस्तानी है, जिसमे बड़े जमीन सौदे हैं, जो विधि विरुद्ध हैं, जिस काम को करवाने के लिए ही इस तरह की पदस्थापना दी गयी है, और सीएम साहब के प्रस्तावित दौरे में इस बात को रखा जाना, कांग्रेस कमिटी द्वारा तय किया जा रहा है।





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