छतीसगढ़ का प्रमुख और प्रचलित खाद्य पदार्थ है बोरे बासी – cgtop36.com

बासी छतीसगढ़ का प्रमुख और प्रचलित खाद्य पदार्थ है। छतीसगढ़ के सभी लोग चाहें ग्रामीण हो या शहरी बच्चे हो या बूढ़े अमीर हो या गरीब सभी ने बोरे बासी खाया है । बोरे बासी का मतलब होता है रात के पके चाँवल को रात को भिगो कर या सुबह भिगो कर खाना या सुबह के पके चाँवल को दोपर को खाना। सीधे शब्दों में कहे तो बासी चाँवल को पानी में भिगो कर खाना । इसमें स्वाद के लिए चुटकी भर नमक मिलाया जाता है। फिर सब्जी , प्याज , आचार , पापड़ ,बिजौरी इत्यादि चीजे लोग अपनी उपलब्धता के चीजो के साथ या सिर्फ नमक डाल कर खाया जाता है।
छतीसगढ़ में लोग बोर बासी खाने के लिए रात का खाना ( चाँवल ) ज्यादा बनाते हैं। बोरे बासी के प्रचलित और प्रमुख खाध पदार्थ होने के भी कई कारण है। जैसे – गरीब की प्रस्थिति में भी आसानी से उपलब्धता तो साथ ही इसका आश्चर्यचकित कर देने वाले गुणवत्ताएं । प्रायः बोरे बासी गर्मी के दिनों में खाया जाता है क्योकी यह ठंडी तासीर वाली होती है।
बोरे बासी के फायदे :-
अपनी ठंडी तासीर गुणवत्ता के कारण गर्मी के दिनों में हमारे शरीर को ठंडा बनाये रखता है।
बासी चाँवल में फाइबर भी होता है जो कब्ज दूर करने में मदद करता है।
बासी चांवल में कई पोषक तत्व होते हैं। ये पोषक तत्व हैं- लोहा, पोटेशियम और कैल्शियम। ये भी सभी शरीर को सेहतमंद बनाए रखने में मदद करते हैं।
जब चावल रात भर रखा होता है तो वो ठंडा हो जाता है वहीं ताजा बनाए हुए चावल में बासी चावल की तुलना में कैलोरी अधिक होती है। जबकि बासी चावल में कम कैलोरी और अधिक फाइबर होता है। इसी वजह से बासी चावल वजन घटाने में कारगर है।
बोरे बासी खाने से अल्सर जैसी बीमारी से मुक्ति पाने में काफी मदद मिल सकती है।
बोरे बासी खाने से हमारी त्वचा स्वस्थ रहती है।
बोरे बासी का पानी हमारे बालो को मजबूत बनाती है और बालों का झड़ना रोकती है।




