कवर्धा में हालात अब शांति की ओर अग्रसर पर राज्य सरकार हो रही आक्रामक, मंत्री चौबे ने कहा यह
कवर्धा में हालात अब शांति की ओर अग्रसर है लेकिन अब मामले में राज्य सरकार आक्रामक हो रही है। शनिवार को सरकार के तीन मंत्रियों रविंद्र चौबे, मोहम्मद अकबर और डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने दंगे से जुड़े तथ्य रखते हुए भाजपा पर दंगा भड़काने का आरोप मढ़ा। कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने संकेत दिए कि भड़काऊ नारेबाजी वाले जुलूस का नेतृत्व करने वाले सांसद संतोष पाण्डेय और पूर्व सांसद अभिषेक सिंह की भी गिरफ्तारी होगी।
कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा, छत्तीसगढ़ शांति का टापू है। यहां इस तरह की घटनाएं अक्षम्य हैं। कवर्धा में एक ध्वज उतारने और दो लोगों के बीच झगड़े को साम्प्रदायिक रंग दिया गया। जो ध्वज उतारा गया था, उसे वन मंत्री के निर्देश पर तत्काल वहां लगा भी दिया गया। उसके दूसरे दिन कवर्धा में जो हुआ, उसमें शामिल लोगों के चेहरे वीडियो में हैं। उसमें भाजपा के लोगों के चेहरे हैं। इसके बारे में आईजी पहले भी कह चुके हैं। एक रात पहले बाहर से लोगों को बुलाकर स्कूलों में ठहराया गया। उसके बाद जुलूस निकालकर दंगा भड़काने की कोशिश हुई।
रविंद्र चौबे ने कहा, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसीलिए कहा है कि दूर से ही दिख रहा है कि कवर्धा की घटना भाजपा की ओर से प्रायोजित है। छत्तीसगढ़ में उनके पास कोई मुद्दा नहीं है। सुकमा की एक घटना लेकर उन्होंने प्रदेश में धर्मांतरण को मुद्दा बनाने की कोशिश की है। अब कवर्धा की घटना को प्रदेश में साम्प्रदायिक रूप देने की कोशिश की जा रही है। छत्तीसगढ़ की जनता कभी इसे माफ नहीं करेगी।
चौबे ने कहा, प्रशासन के पास सबकी वीडियो फुटेज है। जिसके भी चेहरे उस वीडियो में दिख रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। चाहे वह कोई भी हो। उनमें से कुछ लोगों की गिरफ्तारी हुई भी है। अभिषेक सिंह और संतोष पाण्डेय पर भी कार्रवाई हो सकती है। Also Read – ‘अमन पथ’ पर चला कवर्धा:




