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Eid 2026: दिल्ली, मुंबई समेत अन्य शहरों में ईद की खरीदारी को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ी; जानें भारत में 20-21 मार्च को कब मनाई जाएगी मीठी ईद


(Photo Credits AI)

Eid 2026: रमजान का पवित्र महीना अपने अंतिम चरण में है और देशभर में ईद-उल-फितर (Meethi Eid) की तैयारियां जोरों पर हैं. दिल्ली के चांदनी चौक और जामा मस्जिद इलाके से लेकर मुंबई के मोहम्मद अली रोड तक, बाजारों में खरीदारों की भारी भीड़ देखी जा रही है. इस बीच, सबकी निगाहें आज शाम होने वाले दीदार-ए-हिलाल (चांद दिखने) पर टिकी हैं, जिससे यह साफ होगा कि भारत में ईद शुक्रवार, 20 मार्च को होगी या शनिवार, 21 मार्च को.

आज शाम होगा चांद का दीदार

भारत में आज, 19 मार्च 2026 को रमजान का 29वां दिन है. इस्लामी कैलेंडर के अनुसार, त्योहार की तारीख चांद दिखने पर निर्भर करती है. यदि आज शाम को शव्वाल का चांद नजर आता है, तो ‘चांद रात’ आज मनाई जाएगी और शुक्रवार, 20 मार्च को ईद होगी. यदि आज चांद नहीं दिखता है, तो रमजान के 30 रोजे पूरे होंगे और ईद शनिवार, 21 मार्च को मनाई जाएगी.  यह भी पढ़े:  Eid 2026: सऊदी अरब समेत खाड़ी देशों में आज चांद नजर आने पर 20 मार्च को पढ़ी जाएगी ईद की नमाज, जानें भारत में कब मनाई जाएगी ईद-उल-फितर

खाड़ी देशों में कल मनाई जाएगी ईद

सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर और कुवैत जैसे खाड़ी देशों में बुधवार शाम को चांद नजर नहीं आया था. इसके बाद वहां आधिकारिक घोषणा की गई कि गुरुवार को 30वां रोजा होगा और शुक्रवार, 20 मार्च को ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाएगा. आमतौर पर भारत में ईद खाड़ी देशों के एक दिन बाद मनाई जाती है, लेकिन कभी-कभी चांद दिखने पर यह एक ही दिन भी हो सकती है.

प्रमुख शहरों में खरीदारी का माहौल

  • दिल्ली: पुरानी दिल्ली के बाजारों में देर रात तक रौनक बनी हुई है. सेवइयां, सूखे मेवे और नए कपड़ों की दुकानों पर पैर रखने की जगह नहीं है.
  • मुंबई: दक्षिण मुंबई के व्यस्त इलाकों में लोग ईदी और कपड़ों की खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं. स्थानीय प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं.
  • अन्य शहर: लखनऊ, हैदराबाद और कोलकाता के बाजारों में भी उत्सव का माहौल है. इत्र, टोपी और हस्तशिल्प की भारी मांग देखी जा रही है.

मौसम का मिजाज डाल सकता है खलल

मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर भारत के कुछ हिस्सों और दिल्ली-एनसीआर में बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है. यदि आसमान साफ नहीं रहा, तो चांद देखने में थोड़ी कठिनाई हो सकती है. ऐसे में विभिन्न शहरों की हिलाल कमेटियां (Moon Sighting Committees) अन्य क्षेत्रों से पुख्ता जानकारी मिलने के बाद ही देर शाम तक आधिकारिक एलान करेंगी.




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