Breaking News

शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती का बड़ा बयान, ईसा मसीह के हिंदू होने का किया दावा


गोवर्धन मठ पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि इसके लिए उन्होंने करोड़ों हिंदुओं की सेना तैयार कर ली है। डेढ़ साल में वे अपना लक्ष्य हासिल कर लेगे।

रावांभाठा स्थित सुदर्शन संस्थानम् में मीडिया से बातचीत में शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि दुनिया में कितने ही देश हैं। सभी अपने-अपने धर्म को खुलकर मानते हैं। दुर्भाग्य है कि भारत को धर्म निरपेक्ष राष्ट्र की संज्ञा दी जाती है। असल में ऐसा कहकर हिंदुओं को बेवकूफ बनाया जा रहा है। भला कोई वस्तु अपने गुण-धर्म से अलग कैसे हो सकती है! दीये का काम है रोशनी देना। दीया रोशनी न दे तो उसकी क्या उपयोगिता। यही बात राष्ट्र पर भी लागू होती है। जिस हिंदू धर्म को मानने वाले लोग सबसे ज्यादा रहते हैं, वह राष्ट्र उस धर्म से अप्रभावित कैसे हो सकता है।

शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा, सवर्ण, एसटी-एससी जैसे शब्द राजनेताओं की देन है। देश में रोज सवर्ण, एसटी, एससी पर बहस हो रही है। क्या यह व्यवस्था सनातन धर्म की देन है? नहीं। यह तो राजनेताओं का दिया शब्द है। इन शब्दों के जरिए वैदिक सनातनी हिंदुओं को लड़ाया जा रहा है। इसमें उनके हित छिपे हैं। यह लोगों को समझना होगा कि वे राजनेताओं के बहकावे में न आएं।

आदिवासी प्रकृति की पूजा करते हैं इसलिए वे भी हिंदू हैं। आदिवासी हिंदू हैं या नहीं, यह भी बड़ी बहस का विषय है। इससे जुड़े सवाल पर शंकराचार्य ने कहा कि आदिवासी पेड़, पौधों, नदी और पर्वतों यानी प्रकृति की पूजा करते हैं। इन्हें किसने बनाया? जाहिर है, ईश्वर ने, तो जो लोग ईश्वर पर आस्था रखते हैं वे हिंदू कैसे नहीं होंगे। सभी आदिवासी हिंदू ही हैं।

इसके साथ ही शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती का बड़ा बयान भी सामने आया है उन्होंने ईसा मसीह के हिन्दू होने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि 10 वर्षों तक ईसा मसीह भारत में रहे जिसमें 3 वर्ष पुरी में बिताये, पुरी के शंकराचार्य से उनका सम्पर्क था, उन्होंने कहा कि ईसा मसीह वैष्णव सिद्धांत के अनुयायी थे।





Related Articles

Back to top button