इंडियन रेलवे ने फिर किया कमाल, बिना डीजल-बिजली के ऐसे दौड़ाई ट्रेन
कोरोना काल में इंडियन रेलवे एक बार फिर भारतीयों को गर्व महसूस कराया है. इंडियन रेलवे ने बैटरी से चलने वाले इंजन को बनाया है. इतना ही नहीं रेलवे ने इसका सफल परीक्षण भी किया है. जिसका मतलब है कि आने वाले समय में बैटरी से चलने वाली ट्रेनें पटरी पर दौड़ती नजर आ सकती हैं।
बता दें कि कई उपलब्धियों को हासिल करने के बाद अब रेलवे ने ट्रेन के इंजन के क्षेत्र में अपने कदम आगे बढ़ाए हैं. रेलवे का कहना है कि इस इंजन का निर्माण बिजली और डीजल की खपत को बचाने के लिए किया गया है. रेलवे के मुताबिक, पश्चिम मध्य रेल के जबलपुर मंडल में बैटरी से चलने वाले ड्यूल मोड शंटिंग लोको ‘नवदूत’ को बनाया गया है।
इस संबंध में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने एक ट्वीट में लिखा- ‘बैटरी से ऑपरेट होने वाला यह लोको एक उज्ज्वल भविष्य का संकेत है, जो डीजल के साथ विदेशी मुद्रा की बचत और पर्यावरण संरक्षण में एक बड़ा कदम होगा.’
हाल ही में रेलवे ने सोलर पावर की बिजली से ट्रेनों को चलाने की बात कही थी. इसके लिए मध्य प्रदेश के बीना में रेलवे ने सोलर प्लांट भी तैयार कर लिया है. इस प्लांट में 1.7 मेगा वॉट की बिजली का उत्पादन होगा. जिसे सीधे ट्रेनों के ओवर हेड तक भेजा जाएगा. इंडियन रेलवे का दावा है कि यह कारनामा करने वाला भारत दुनिया का पहला देश है.




