Breaking news: बीजेपी को लगा झटका, पूर्व सांसद की नातिन ने कांग्रेस का दामन थामा, कहा- भाजपा के नीतियों के विरोध में किया कांग्रेस प्रवेश

अंबिकापुर। पूर्व भाजपा सांसद की नातिन ने कांग्रेस में प्रवेश कर लिया है। पूर्व भाजपा सांसद लरंग साय की नातिन हेमा सिंह ने टीएस सिंह देव की मौजूदगी में कांग्रेस प्रवेश किया है। इस दौरान सरगुजा सांसद प्रत्याशी शशि सिंह भी मौजूद रही। उन्होंने कहा कि भाजपा के नीतियों के विरोध में कांग्रेस प्रवेश किया है। लरंग साय भाजपा के दिग्गज नेता व सांसद रहे थे।
कांग्रेस के लिए दूसरी खुशी की बात यह है कि सरगुजा के दिग्गज कांग्रेसी नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव विधानसभा चुनाव के बाद से ही चुनावी समर से गायब दिख रहे थे। लेकिन अब टीएस सिंह देव की एक बार फिर चुनाव में एंट्री हो चुकी है । टीएस सिंहदेव ने नारायणी परिसर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रिचार्ज करने के लिए सरगुजा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया। जिसमें सरगुजा कांग्रेस सांसद प्रत्याशी शशि सिंह समेत लोकसभा क्षेत्र के अलग-अलग कार्यकर्ता व पदाधिकारी मौजूद रहे।
पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव ने इस दौरान बड़ा बयान देते हुए कहा कि 3 सीटों पर कांग्रेस के लिए फाइट टफ है। कांग्रेस 8 सीटों पर जीत सकती है, सरकार रहते बड़े नेताओं के बीच मतभेद की बात टीएस सिंह देव ने स्वीकारी है। उन्होंने कहा कि बनी बनाई बात थी, परोसी हुई थाली थी, मगर कहीं न कहीं तालमेल की कमी थी। मैं सच बोलता था हूं, इसलिए पिटाई पड़ती है। इस बार कमियों को दूर करके कार्यकर्ता को चुनाव में उतार रहे हैं।
इतना ही नहीं टीएस सिंह देव ने चरण दास महंत के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि महंत मजाकिया लहजे में बयान देते हैं और उसका अर्थ का अनर्थ निकाला जाता है। इधर टीएस सिंह देव के चुनावी मैदान में उतरने से कार्यकर्ता तो उत्साहित नजर आएं ही साथ ही साथ सरगुजा लोकसभा से कांग्रेस प्रत्याशी शशि सिंह ने कहा कि टीएस सिंह देव के प्रत्यक्ष रूप से मौजूदगी से कांग्रेस के कार्यकर्ता बेहद उत्साहित हैं। इस चुनाव में न सिर्फ सरगुजा बल्कि प्रदेश की ज्यादातर सीटों पर कांग्रेस जीत दर्ज करेगी।
इस दौरान टीएस सिंह देव ने कार्यकर्ताओं को रिचार्ज करते हुए कहा कि यह चुनाव विचारों की लड़ाई है। जिसमें कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के भरोसे ही जीत दर्ज की जा सकती है। टीएस सिंह देव ने कहा कि भाजपा एक तरफ ना खाऊंगा ना खाने दूंगा का नारा देती है। मगर दूसरी तरफ इलेक्टोरल बांड के जरिए चंदा वसूली करती है। भाजपा ईडी का दुरुपयोग कर रही है। ऐसे में लोकतंत्र को बचाने के लिए यह लड़ाई जरूरी है।




