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आगामी शैक्षणिक सत्र से कक्षा 6 से 12 के छात्र छात्राओं को पढ़ाया जाएगा भगवत गीता – cgtop36.com


गुजरात में आगामी शैक्षणिक सत्र से कक्षा 6 से 12 के छात्र छात्राओं को भगवत गीता के पाठ पढाऐ जाएंगे। गीता के मूल्य व सिद्धांत स्कूली पाठ्रयक्रम में शामिल करने का निर्णय केंद्र सरकार की नई शिक्षानीति के अनुसार किया गया है जो आधुनिक व प्राचीन ज्ञान, संस्कृति व परंपराओं को सिखाने की वकालत करती है।

शिक्षामंत्री जीतूभाई वाघाणी ने गुरुवार को विधानसभा में बजट मांगों पर चर्चा के दौरान घोषणा कर बताया की शैक्षणिक वर्ष 2022-23 से राज्य के स्कूलों में भगवद गीता कक्षा 6 से 12 के लिए पाठ्यक्रम का हिस्सा होगी। भगवद गीता में निहित मूल्यों और सिद्धांतों को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने का निर्णय केंद्र द्वारा लागू की गई नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत किया गया है। जो आधुनिक और प्राचीन संस्कृति, परंपराओं और ज्ञान प्रणालियों की शुरूआत की वकालत करती है ताकि छात्र – छात्राएं भारत की समृद्ध और विविध संस्कृति पर गर्व महसूस कर सकें।

शिक्षामंत्री ने बताया कि सभी धर्मों के लोगों ने प्राचीन हिंदू धर्मग्रंथों में उल्लिखित नैतिक मूल्यों और सिद्धांतों को स्वीकार किया है। इसीलिए हम कक्षा 6 से 12 के लिए स्कूली पाठ्यक्रम में भगवद गीता को शामिल कर रहे हैं। कक्षा 6 से 8 में ‘सर्वांगी शिक्षण’ (समग्र शिक्षा) की पाठ्यपुस्तक में भगवत गीता शामिल होगी। जबकि कक्षा 9 से इसे पहली भाषा की पाठ्यपुस्तक में कहानी के रूप में शामिल किया जाएगा।

स्कूलों में धर्मग्रंथों पर आधारित गतिविधियों जैसे प्रार्थना, श्लोक पाठ, समझ, नाटक, प्रश्नोत्तरी, चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं भी होंगी। सरकार की ओर से स्कूलों को किताबें, ऑडियो-वीडियो सीडी जैसी अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी।



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