अगहन गुरुवार को ऐसे करें मां लक्ष्मी की विधिवत पूजा बरसेगा घर में धन धान्य
कार्तिक पूर्णिमा के साथ ही अगहन महीने की शुरूआत हो चुकी है। जिसमें महिलाएं माता लक्ष्मी की आराधना कर घर परिवार की सुख समृद्धि के लिए कामना करेंगीं। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक त्योहारों में अगहन गुरूवार का विशेष महत्व है।
गुरूवार को विधिवत तरीके से माता लक्ष्मी की उपासना की जाती है। इसके लिए घरों को चावल के आटे से बने रंगोली से सजाकर उसमें माता लक्ष्मी से संबंधित प्रतीक चिन्हों को उल्लेखित किया जाता है। रंगोली घर के दरवाजे से लेकर लक्ष्मी के विराजित होने वाले स्थान तक उकेरी जाती है। मान्यता है कि जिस क्रम से रंगोली का निर्माण किया जाता है, उसी क्रम से माता लक्ष्मी घर पर प्रवेश करती है।
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अगहन गुरूवार की पूजा में नियम का विशेष महत्व होता है, जिसमें महिलाएं बुधवार की शाम से ही रंगोली सजा कर माता लक्ष्मी को विराजित कर देती हैं। उसके बाद ब्रह्म मुहूर्त में उठकर विधिविधान से पूजाकर घर के दरवाजे पर होम हवन देती हैं। उसके बाद दोपहर में पूजा करने के बाद अगहन गुरुवार पूजा से जुड़ी कथा का वाचन और श्रवण करते हैं।
प्राचीन मान्यता है कि ऐसा करने से माता लक्ष्मी की कृपा बरसती है और घर में खुशहाली आती है। इस पूजा को घर पर ही करने का विधान है। जिसे आमतौर पर घर की वरिष्ठ महिलाओं के द्वारा किया जाता है। इस साल अगहन गुरूवार की शुरूआत 13 नवम्बर से हो रही है। जिसके लिए महिलाएं बुधवार से ही तैयारियां शुरू कर दी थी। बुधवार की शाम को माता लक्ष्मी की स्थापना कर दी जाएगी। गुरूवार की सुबह से ही पूजन का क्रम शुरू हो जाएगा।



