रुपए डबल करने का झांसा देकर एक करोड़ की ठगी, साढ़े चार साल बाद, तीन शातिर गिरफ्तार

जिले के कांकेर लंका नक्सल क्षेत्र में एक मोटर साइकिल सवार व्यक्ति के पास नोटों से भरे बैग देखकर सुरक्षाबलों के होश उड़ गए. जब व्यक्ति से पूछताछ की गई तो वह जगरगुंडा वन परिक्षेत्र का डिप्टी रेंजर निकला, जो कि मिचिगुड़ा में नकद भुगतान के लिए जा रहा था. बैग में 59 लाख रुपए नकदी बरामद हुआ था.
मिली जानकारी के अनुसार, सीआरपीएफ के जवान सर्चिंग पर निकले थे. तभी जवानों ने नक्सल क्षेत्र कांकेरलंका के पास एक व्यक्ति रोका गया. जांच के दौरान उसके पास एक बैग में 59 लाख नकद मिला. इस दौरान वह सुरक्षाबलों को अपने आप को वन विभाग का कर्मचारी बताया.
आपको बता दें कि रुपए डबल करने का झांसा देकर एक करोड़ की ठगी, साढ़े चार साल बाद तीन शातिर गिरफ्तार, मास्टरमाइंड दंपति फरारउसके पकड़ कर कैम्प लाये जहां पूछताछ व पतासाजी करना शुरू किया गया. जिसके बाद यह स्पष्ट हुआ कि वह व्यक्ति जगरगुंडा वन परिक्षेत्र का डिप्टी रेंजर है, जिसका नाम राजेश यादव है.
वह तेंदूपत्ता खरीदी का नकद भुगतान के लिए जगरगुंडा जा रहा था, जिसकी सूचना मिलते ही रेंजर व वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई. उसने वह रकम पंजाब नेशनल बैंक से निकाल कर भुगतान के लिए जा रहा था. प्राप्त जानकारी के अनुसार पुष्टि होने के बाद उसे छोड़ दिया गया.




