छत्तीसगढ़

नीलगिरी वृक्षों की कटाई के लिए शासन से अनुमति की आवश्यकता नही, पेड़ों की अवैध कटाई की खबर भ्रामक

तिल्दा और सरोना के बीच बरतोरी क्षेत्र से 2 कि.मी. दूर जलसो गाँव में लगभग 125 एकड़ में लगे 5 हजार से अधिक पेड़ों को विगत माह के अंदर काटे जाने के संबंध में 19 मई को एक  समाचार पत्र में समाचार प्रकाशित हुआ था। 

इस संदर्भ में वनमण्डलाधिकारी रायपुर  ने तत्काल  संज्ञान में लेते हुए प्रकरण के जांच के निर्देश दिए। इस तारतम्य में  उपवनमण्डलाधिकारी, रायपुर के द्वारा परिक्षेत्र सहायक तिल्दा एवं स्टाफ तथा राजस्व विभाग के संयुक्त दल के साथ स्थल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण में पाया गया कि समाचार पत्र में प्रकाशित शिकायत स्थल ग्राम जलसों प.ह.नं. 12 रा.नि.म. टंडवा तहसील तिल्दा, जिला-रायपुर में लगभग 125 एकड़ निजी भूमि है।इसका भूमि का स्वामी गोयल परिवार है। उक्त निजी भूमि में भूमि स्वामी द्वारा वर्ष 2004-05 में नीलगिरी वृक्षारोपण कार्य किया गया था। नीलगिरी वृक्षारोपण से स्वयं के उपयोग हेतु नीलगिरी वृक्ष काटकर उपयोग किया जाता है । उक्त नीलगिरी वृक्षों को लगभग 3-4 माह पूर्व काटा गया है। वर्तमान में उन सभी ठूंठों में कपिस आ गये है। वर्तमान में किसी भी प्रकार की कोई भी कटाई नहीं की गई है। यह प्रकरण राजस्व भूमि का है ।

नीलगिरी वृक्षो के रोपण एवं कटाई कार्य व्यक्तिगत रूप से किया जा रहा है। नीलगिरी वृक्षों की कटाई की अनुमति हेतु शासन से छूट प्राप्त है। विस्तृत रूप से जांच के बाद पाया की वन विभाग एवं राजस्व विभाग से निजी भूमि के नीलगिरी के काटे जाने के संबंध में अनुमति की आवश्यकता नहीं है । अतः शिकायत निराधार पाया गया।

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