छत्तीसगढ़

एनडीआरएफ की टीम ने छत्तीसगढ़ में किया मॉक ड्रिल, बाढ़ की स्थिति के दौरान लोगों तक राहत पहुंचाने की कवायद

बाढ़ की स्थिति के दौरान लोगों तक राहत पहुंचाने और उनके जीवन को सुरक्षित करने का प्रशिक्षण देने आज राजनांदगांव शहर के रानी सागर में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल एनडीआरएफ की टीम के द्वारा पूर्व अभ्यास किया गया।

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल एनडीआरएफ-इंडिया मुंडेली कटक ओडिशा की तीसरी बटालियन के द्वारा देश के विभिन्न जिलों में उन जिलों की भौगोलिक स्थिति के आधार पर बाढ़ राहत बचाव कार्य का पूर्वाभ्यास कराया जा रहे हैं, जिसके तहत राजनंदगांव शहर के रानी सागर में भी पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, नगर सेना और एनजीओ की टीम के साथ राष्ट्रीय आपदा मोचन बल ने पूर्वाभ्यास किया और बाढ़ की स्थिति में लोगों को कैसे बचाया जाए इसका प्रशिक्षण भी पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय के प्रशिक्षणार्थियों को दिया।

इस प्रशिक्षण के लिए रानी सागर के समीप एक काल्पनिक गांव बनाया गया और बाढ़ के हालात दिखाए गए, वही नगर सेना, पुलिस प्रशासन व स्वास्थ्य अमले की टीम के साथ राष्ट्रीय आपदा मोचन बल ने राहत बचाव कार्य शुरू किया। रानी सागर में एक नाव में कुछ लोगों को बैठाया गया फिर इस नाव के पलटने के बाद उन्हें बचाने टीम को त्वरित तैयार किया गया और डूब रहे लोगों को कुशलता के साथ बचाया गया। इस पूर्वाभ्यास के उद्देश्य को लेकर एनडीआरएफ तीसरी बटालियन मुंडेली कटक के असिस्टेंट कमांडर सुरजीत सिंह का कहना है कि सभी के साथ समन्वय बनाकर काम करने और इस दौरान आने वाली खामियों को दूर करने के उद्देश्य को लेकर यह मांग ड्रिल किया गया है, ताकि जब बाढ़ के हालात हो और बचाव कार्य किया जाए तब कहीं चूक ना हो और बेहतर कार्य को अंजाम दिया जा सके।

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के द्वारा किए गए इस पूर्वाभ्यास को देखने राजनांदगांव कलेक्टर टीके वर्मा भी मौजूद रहे। इस दौरान कलेक्टर टीके वर्मा ने कहा कि बारिश के दिनों में राजनांदगांव जिले के कई क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति निर्मित होती है, ऐसे में इस पूर्वाभ्यास के जरिए लोगों तक त्वरित राहत पहुंचाने और बचाव कार्य का बेहतर संचालन करने में मदद मिलेगी।

शहर के रानी सागर में किए गए इस पूर्व अभ्यास के दौरान बाढ़ की स्थिति में अपने आसपास मौजूद प्लास्टिक की खाली बोतलें, प्लास्टिक के खाली केन, लकड़ी के गड्ढे सहित अन्य संसाधनों का उपयोग करते हुए पानी में डूब रहे व्यक्ति को बचाने के तरीके भी बताए गए। इस प्रशिक्षण के दौरान एनडीआरएफ के 35 अधिकारी-कर्मचारियों सहित पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय के लगभग 200 जवानों ने हिस्सा लिया। आयोजन के दौरान कोरोना के नियमों का पालन करने की शपथ भी दिलाई गई।

Related Articles

Back to top button