मानवता हुई शर्मसार, बंदूक तानकर भांजी से मामा ने किया दुष्कर्म, चाची ने मारकर करवाया मुँह बंद
हरियाणा राज्य के सोनीपत जिले के खरखौदा थाना क्षेत्र में बंदूक के बल पर भांजी से दुष्कर्म करने के आरोपित को अदालत ने दोषी करार दिया हैं। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर चालिया की अदालत ने दोषी को दस साल कारावास की सजा सुनाई हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक राज्य के सोनीपत जिले के खरखौदा थाना क्षेत्र में पिस्तौल के बल पर भांजी से दुष्कर्म करने के आरोपित को अदालत ने दोषी करार दिया हैं। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर चालिया की अदालत ने दोषी को दस साल कारावास की सजा सुनाई हैं। अदालत ने दोषी पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया हैं। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
बता दें कि खरखौदा थाना क्षेत्र के गांव की 19 वर्षीय युवती ने 19 अप्रैल 2019 को पुलिस को बताया था कि 12 अप्रैल 2019 को वह उसकी चाची ने उसे खाना बनाने के लिए अपने घर पर बुलाया था। जब वह अपनी चाची के घर खाना बनाकर वापस आने लगी तो इसी दौरान उसकी चाची का भाई अनिल रसोई में आ गया था। अनिल ने उसकी कनपटी पर पिस्तौल लगा दी और जान से मारने की धमकी देने लगा। पिस्तौल दिखाकर आरोपित उसे अंदर कमरे में ले गया था और उसके साथ दुष्कर्म किया।
इसी दौरान जब उसकी चाची घर में आई थी तो उसने अपनी चाची को मामले की जानकारी दी तो उसकी चाची ने अपने भाई को धमकाने की बजाए उसे पीटना शुरू कर दिया था साथ ही उसे डरा-धमका कर एक फोन से दूसरे फोन में उसकी रिकाडिंर्ग भी कर ली थी। डर के चलते वह सप्ताह भर तक चुप रही थी बाद में अपने परिजनों को यह बात बताई। उसके बाद पुलिस को अवगत करवाया।
पुलिस ने इस संबंध में आरोपित के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया हैं। पुलिस ने युवती का मेडिकल करवाकर कोर्ट में बयान दर्ज करवाएं। उसके बाद कार्रवाई करते हुए आरोपित को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने आरोपित को अदालत में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। बृहस्पतिवार को मामले में कार्रवाई करते हुए एएसजे डीआर चालिया की अदालत ने आरोपित अनिल को दोषी करार देते हुए उसे दस साल कैद व दस हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई हैं। जुर्माना राशि जमा न करवाने पर दोषी को एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
मामले में आरोपी सिद्ध होने के बाद अनिल ने जहर खा लिया था फिर उसे पीजीआई रोहतक में भर्ती कराया गया था। बताया जा रहा है कि आरोपी को जब पता लगा कि उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत दी गई तो उसने जहर खा लिया था। पुलिस ने उपचार पूरा होने के बाद आरोपित को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था।




