जानिए सेक्स करने का सही समय, असमय करेंगे तो होंगे दुष्परिणाम
एक समय के बाद सेक्स जरूरत लगभग सभी को महसूस होती है। यही कारण है कि सेक्स के लिए आप समय तक नहीं देखते पर शायद आपको यह नहीं मालूम कि यह गलत है। जी हां, हमारे स्वास्थय संबंधी आयुर्वेद में बताया गया है कि सेक्स करने का समय होता है। बिना समय के सेक्स करना आपके लिए खतरनाक हो सकता है। चलिए आज हम आपको बताते हैं कि आयुर्वेद के हिसाब से किस टाइम सेक्स करना चाहिए और कब नहीं।
कभी भी शाम के समय सेक्स ना करें लेकिन पूर्णमासी, अमावश्या और अष्टमी के दिन सेक्स करना चाहिए।
आयुर्वेद के अनुसार सेक्स करने का सबसे सही समय है जब दोनों लोग पूरी तरह से रिलेक्स और आराम के मूड में हो।

सेक्स हमेशा आधी रात से पहले करना चाहिए। सुबह तीन बजे के बाद तो सेक्स कभी नहीं करना चाहिए।
आयुर्वेद के अनुसार बीमारी के समय कभी सेक्स नहीं करना चाहिए। गर्मी के बजाय सर्दी में लगातार सेक्स कर सकते हैं। लेकिन गर्मी में सेक्स कभी ना करें।
गर्भावस्था के दौरान, पीरियड के समय और ज्यादा खाना खाने के बाद सेक्स कभी ना करें।
विज्ञान के अनुसार हेल्थी सेक्स लाइफ को बनाए रखने के लिए सुबह के समय सेक्स करना अधिक बेहतर होता है। वास्तव में इसके शारीरिक (physiological) और मनोवैज्ञानिक (psychological) कारण हैं।

कहा जाता है कि हमारे शरीर में कार्टिसोल का स्तर सुबह उच्च स्तर पर शुरू होता है और दिन के दौरान रूक रूक कर एड्रिनल ग्रंथि में तनाव पैदा करता है।
बिस्तर छोड़ने के बाद व्यक्ति अपनी नियमित दिनचर्या जैसे बच्चों को नाश्ता देना, स्कूल के लिए तैयार करना, स्कूल छोड़ना और अपने काम के लिए तैयार होने सहित जाने कितने तरह के काम हमें तनाव की ओर खींचते हैं।




