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शासकीय नियमों का पालन करते बौद्ध समाज मनायेगा 64 वां धम्मचक्र परिवर्तन दिवस

महेंद्र शर्मा बंटी – डोंगरगढ नागपुर शहर के प्रसिद्ध दीक्षा भूमि स्थान में बोधिसत्व डॉ बाबा साहब आम्बेडकर जी ने 14 अक्टूबर सन 1956 को 5 लाख अनुयायिओ के साथ भदंत महास्थविर चंद्रमणि के समक्ष बौद्ध धर्म की दीक्षा ली। बौद्ध धर्म अनुयायियों के लिए यह यक अलग महत्व रखता हैं । इस वर्ष कोरोना महामारी के चलते धम्मचक्र परिवर्तन दिवस दिनांक 14 अक्टूबर को शांतिमय तरीके से शासकीय आदेशो का पालन करते हुए सेनेटाइजर व सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए मनाया जाएगा प्रातः 9 बजे डोंगरगढ नागसेन बुद्ध विहार में वंदना की जाएगी जिसके पश्चात 10 बजे स्थानीय तहसील परिसर में स्थित डॉ बाबा साहब आम्बेडकर जी की प्रतिमा में माल्यापर्ण किया जायेगा। समिति के सदस्य प्रजेश सहारे ने जानकारी देते हुये बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष किसी भी प्रकार के भव्य आयोजन नही किया जाएगा समाज के लोगो के द्वारा शांतिप्रिय ढंग से घरों में रहे कर शाम को वंदना कर मोमबत्ती जलाने की बात कही है एवं 31 अक्टूबर को होगा वर्षावास का समापन।

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