छत्तीसगढ़

बदलापुर की राजनीति के विशेषज्ञ शायद अब अपने राष्ट्रीय नेताओं से भी बदला लेने पर उतारू हैं – श्रीचंद सुंदरानी

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता श्रीचंद सुन्दरानी ने कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी अब शायद कांग्रेस पर भी बोझ बनते जा रहे हैं। कांग्रेस का सामान्य कार्यकर्ता भी अब उन्हें नीचा दिखाने का कोई मौक़ा नहीं छोड़ता। कांग्रेस के ऐसे ही मजाकिया और हलके बयानबाजियों के कारण राहुल समूचे देश में मज़ाक के पात्र बनते जा रहे हैं। हाल के एक कथित सर्वे का उदाहरण देते हुए प्रवक्ता सुन्दरानी ने कहा कि पहले तो राहुल की लोकप्रियता निगेटिव दिखाने की कवायद कांग्रेस के भीतर की गयी, और अब ऐसा मजाकिया बयान इस दुःख की घड़ी में कांग्रेस के मीडिया प्रमुख द्वारा देना वास्तव में एक क्रूर मज़ाक है।

सुन्दरानी ने कहा कि अपार बहुमत से दुबारा चुने हुए एक प्रधानमंत्री की आधिकारिक यात्रा की तुलना, डोकलाम विवाद के समय चोरी-छिपे चीन के राजनयिक से करना वास्तव में मूर्खता का चरम ही माना जा सकता है। उन्होंने कहा कि एक ऐसी पार्टी नेता के गुप्त यात्रा की यह अटपटी तुलना, जिस पार्टी को जनता ने विपक्ष के लायक भी नहीं छोड़ा हो, जो नेता अपनी खानदानी समझी जाने वाली सीट से भी बुरी तरह पराजित हुआ हो, वास्तव में खुद उस नेता के साथ ही क्रूरतम मज़ाक है।

सुन्दरानी ने कहा कि दस जनपथ में गेट पर ही गाड़ी रुकवा कर पैदल भीतर जाने पर मजबूर करने का बदला शायद सीएम भूपेश बघेल अपने मीडिया प्रमुख से राहुल गांधी के प्रति मजाकिया बयान दिला कर ले रहे हैं। बदलापुर की राजनीति के विशेषज्ञ शायद अब अपने राष्ट्रीय नेताओं से भी बदला लेने पर उतारू हैं।

सुन्दरानी ने कहा कि कांग्रेस कुछ भी बोले, भाजपा उस बात को भी नहीं भूलने वाली है कि इसके नेता सीधे तौर पर मोदी जी को हराने के लिए पाकिस्तान से सहायता और समर्थन मांगने पहुँच गए थे। उन्होंने कहा कि ऐसी गद्दारी करने वाले लोगों को जनता भी अब गंभीरता से लेना छोड़ चुकी है। सुन्दरानी ने कहा हमारी हैसियत का अंदाज़ा, तुम ये जान के लगा लो, हम कभी उनके नही होते, जो देश के ना हुए।

प्रवक्ता सुन्दरानी ने शैलेश नितिन त्रिवेदी से पूछा कि हमारी हैसियत का अंदाजा लगाने से पहले अपने नेता राहुल गांधी की देश की जनता के नजर में क्या हैसियत है इस बातपर मंथन कर जरूर लगाएं कि देश पूछता है की राहुल गांधी ने जब चीन के राजदूत से मुलाकात की थी तो छुपाया क्यों और सवाल उठने पर इंकार क्यों किया और जब इकरार ही करना था तो पहले सच छुपाने की क्या जरूरत रही? संभवतः कांग्रेस संचार प्रमुख को इस सवाल के जवाब के लिए मंथन करने पर स्वयं अपनी, अपने नेता राहुल गांधी और उनकी कांग्रेस पार्टी की हैसियत का अंदाजा लग जायेगा।

भाजपा प्रवक्ता श्रीचंद सुन्दरानी ने कहा कि कांग्रेस संचार प्रमुख की यह मजबूरी हैं कि वह भी अपनी लाल बत्ती के इंतजार में निगम मंडल की अभिलाषा लिए अपने नेताओं के सामने अपना नम्बर बढ़ाने ऐसी बयानबाज़ी कर रहे है। यह दुर्भाग्यजनक हैं कि 16 महीने बीत जाने के बाद भी कांग्रेस अपने बयानवीर की हैसियत निगम मंडल के लायक भी नहीं समझ रही है

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