छत्तीसगढ़

पुलिस में भर्ती कराने के नाम पर दो पुलिसकर्मियों ने की 12 लाख की ठगी, मंदिर हसौद का मामला

पुलिस में भर्ती कराने के नाम पर धोखाधड़ी करने के मामले में दो आरक्षकों के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया गया है। आरोप है कि डीजीपी से पहचान बताकर छह आरक्षकों से जिला पुलिस में भर्ती कराने के नाम पर 12 लाख की धोखाधड़ी की गई है।

मामला मंदिर हसौद थाना क्षेत्र की है, जहां पीड़ित मिथलेश कुमार (प्रथम वाहिनी भिलाई) ने शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में उन्होंने बताया कि आरक्षक प्रमोद रजक और विजय कुमार राय ने जिला बल में भर्ती कराने का झांसा देकर धोखाधड़ी की है। मामले का खुलासा होने के बाद दोनों पुलिस आरक्षक लापता हो गए हैं, PHQ ने दोनों को फरार घोषित कर दिया है।

पूरे मामले में मंदिर हसौद थाना प्रभारी सोनल ग्वाला ने मीडिया से कहा कि- ’18वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल मनेंद्रगढ़ में पदस्थ आरक्षक प्रमोद रजक और 13वीं बटालियन में पदस्थ विजय कुमार उर्फ अप्पू राय ने CAF एवं जिला बल में भर्ती कराने का झांसा देकर मिथलेश कुमार से कुल 6 लाख रुपयों की धोखाधड़ी की। यह घटना जून 2019 की है।’

जांच के दौरान पाया गया कि आरक्षक जगदीश के परिचित प्रमोद निषाद से एक लाख, आरक्षक गोवर्धन सिंह नेताम से उनके रिश्तेदार यश कुमार ध्रुव और दीपक श्रीवास्तव से प्रति 1.5 लाख, आरक्षक गंगा प्रसाद साहू से 50 हजार, आरक्षक सेतराम आदिले से 1 लाख और आरक्षक रामकुमार से 50 हजार कुल 12 लाख रुपयों की धोखाधड़ी आरोपित आरक्षक प्रमोद रजक और विजय राय ने की है। आरोपितो के विरुद्घ आपराधिक षड्यंत्र रचने और धोखाधड़ी करने के मामले में अपराध दर्ज किया गया है।

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