दिल्ली के आनंद विहार ने देश को झकझोरा, जब घर जाने को हजारों लोग पड़े थे उमड़
दिल्ली के आनंद विहार बस स्टैंड पर शनिवार सुबह से रात लाखों की संख्या में लोग जमा रहे। रात तक स्टेशन पर हजारों की संख्या में लाेग यूपी और बिहार के अलग अलग जिलों में जाने के लिए बसों का इंतजार कर रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार रात तकअधिकारी बसों का इंतजाम करने में जुटे रहे।
लॉकडाउन के चौथे दिन शनिवार को देशभर में मजदूरों का अपने-अपने घर के लिए पलायन एक बड़ी चुनौती बनकर सामने दिखा. इससे निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों ने कई कदम उठाए हैं. दिल्ली-एनसीआर का हाल सबसे बुरा है, जहां मजदूर, रिक्शा चालक और फैक्ट्री कर्मचारी अपने अपने गांव की ओर लौटने के लिए हजारों की तादाद में निकल पड़े हैं. लेकिन सिर्फ दिल्ली एनसीआर नहीं बल्कि देश के दूसरे छोटे बड़े शहरों से भी लोगों का पलायन यूं ही जारी है. चाहे वो कानपुर हो, सोनीपत हो या फिर सिरसा या आगर मालवा।
भीड़ इस हद तक थी कि पुलिस को व्यवस्था संभालने काफी मशक्कत करनी पड़ रही थी।बताया जा रहा है कि सुबह छह बजे से रात आठ बजे तक दिल्ली बार्डर पर यूपी गेट के रास्ते करीब पांच लाख लोगों ने दिल्ली से पलायन किया है और करीब साढ़े तीन लाख लोग कौशांबी और लालकुआं से बसों में बैठकर अपने गांव के लिए निकले हैं तो करीब डेढ़ लाख लोगों पैदल ही सफर शुरू कर दिया है।
दिल्ली से लोगों का यह जमघट परसो सुबह छह बजे आना शुरू हुआ और शनिवार रात के आठ बजे तक हुजूम टूटा नहीं है। गाजियाबाद पुलिस यूपी गेट से लगातार लोगों को बस में बैठाकर कौशांबी और लालकुंआ पहुंचा रही है।
बताया जा रहा है कि दोपहर बाद बसों की फ्रीक्वेंसी कम हो गई थी। जिसकी वजह से सभी लोगों के लिए यूपी गेट से बस की व्यवस्था नहीं हो पायी। इसके बाद भी किसी के माथे पर शिकन नहीं था। लोग बस यही चाह रहे थे कि जैसे भी वह दिल्ली की सीमा पारकर यूपी में घुस जाएं।
गौरतलब है कि कोरोना के मद्देनजर भीड़भाड़ वाली जगहों पर लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल करने के लिए अपील की जा रही है तो वहीं यूपी गेट में मजदूरों की भीड़ ने सोशल डिस्टेंस का बिल्कुल ख्यान नहीं रखा। लोग भीड़ में एक-दूसरे से सटे हुए नजर आए। लोगों ने अपने अपने तरीके से रुमाल बाँध या मास्क लगा बचने की कोशिश कर रहे थे।



