राजधानी रायपुर से एक बड़ी खबर है डॉ भीमराव अंबेडकर हॉस्पिटल में पदस्थ दो डॉक्टर हालिया दिनों में जर्मनी की यात्रा पर गए थे और वहां से लौटकर मंगलवार को रायपुर पहुंचे हैं।
उन्होंने छत्तीसगढ़ पहुंचते ही एहतियात के तौर पर खुद को आइसोलेशन के तहत रखा हुआ है सावधानी के तौर पर दोनों डॉक्टरों का नाम यहां सार्वजनिक करना उचित नहीं समझा जा रहा है।
कहा जा रहा है कि दोनों डॉक्टरों ने समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से आइसोलेशन को अपनाया हुआ है। एक तरफ जहां पूरी दुनिया कोरोना वायरस के कहर से सहमी हुई है वही रायपुर मेकाहारा के डॉक्टरों ने एक मिसाल पेश की है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार कोरोना वायरस से संक्रमण से बचने के लिए प्रचार प्रसार एवं किसी भी तरह की कोताही नहीं बरत रही है ऐसे में मेकाहारा के डॉक्टरों द्वारा समाज के प्रति ऐसी जन जागरूकता हेतु किए जा रहे प्रयास की प्रशंसा की जानी चाहिए। बता दें कि यूरोप में डॉक्टरों की कॉन्फ्रेंस में शामिल होकर मंगलवार को रायपुर पहुंचे डॉ भीमराव अंबेडकर अस्पताल के सीनियर डॉक्टर प्रोफेसर ने यह बात बताई कि वह अपने साथी डॉक्टर के साथ यूरोप से रविवार को दिल्ली उतरे तो वहां दोनों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। दोनों स्वस्थ पाए गए इसके बावजूद दिल्ली में 24 घंटे उन्हें क्वॉरेंटाइन पर रखा गया था।
मंगलवार को दोनों डॉ स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर में उतरे जहां स्वास्थ्य विभाग की टीम ने फिर से जांच की सैंपल भी लिया और कहा गया कि उन्हें होम आइसोलेशन में रहना होगा, डॉक्टर ने बताया कि अभी वह घर पर बंद है बुधवार को पूरा दिन सोने में ही गुजर गया था चूंकि यात्रा की थकान थी।
उन्होंने कहा कि घर पर सिर्फ एक दीवार की आड़ है फिर भी पति अपने पत्नी और बच्चों से नहीं मिल पा रहे हैं ऐसे वक्त पर फोन ही सिर्फ काम आ रहा है। जैसे बंदियों को दरवाजे के नीचे से थाली दी जाती है वैसे ही मैं मांग कर खाना खा रहा हूं।
डॉक्टरों ने यह अपील की है कि अगर आप विदेश यात्रा से लौटे हैं तो अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर आप की जांच होनी तय है अगर आप स्वस्थ हैं तो भी आपको 24 घंटे तक अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट वाले शहर में 24 घंटे क्वॉरेंटाइन में रखा जाएगा जैसा कि उन्हें दिल्ली में रखा गया था।
(डॉ के नाम सुरक्षा कारणों से नही दिए जा रहें हैं, खबर की पृष्टि स्वयं डॉक्टरों ने की है)




