कांग्रेस के बागी विधायक बोले हमें यहां किसी ने बंधक नहीं बनाया है. हम अपनी इच्छा से आए हैं, कमलनाथ सरकार की मुश्किलें बढ़ी
कांग्रेस सरकार के बागी विधायक इस वक्त कर्नाटक के बेंगलुरु में हैं. आज उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि हमारे नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया हैं. हमें केंद्रीय सुरक्षा की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हमें यहां किसी ने बंधक नहीं बनाया है. हम अपनी इच्छा से आए हैं।
बता दें कि रिजॉर्ट में पिछले कई दिनों से रुके बागी विधायकों का कहना है कि अभी उन्होंने बीजेपी में जाने पर फैसला नहीं लिया है, वे इस पर विचार करने के बाद फैसला लेंगे. इन सभी विधायकों ने राज्यपाल लालजी टंडन को अपना इस्तीफा भेजा है, लेकिन इनका इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ है ऐसे में इस बात पर सस्पेंस बना हुआ है कि सदन में बहुमत परीक्षण के दौरान इन विधायकों का क्या रुख रहता है।
विधायकों ने दावा किया है कि हमारे साथ अभी 20 और विधायक आएंगे, क्योंकि जो कांग्रेस सरकार के साथ विधायक है वो भी हमारे साथ आएंगे. इनका कहना है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने हमे 5 मिनट भी धैर्य से नहीं सुना. हमारे विधानसभा क्षेत्र में एक रुपए का भी काम नहीं हुआ. सारे काम छिंदवाड़ा में हुए. इसलिए हम सब ने विधायक पद से इस्तीफे दिया हैं।
इससे पहले मध्य प्रदेश विधानसभा सत्र 26 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी थी जिसके तुरंत बाद बीजेपी ने कोर्ट में याचिका दायर कर 48 घंटे के भीतर फ्लोर टेस्ट की मांग की। मध्यप्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अभिभाषण के बाद हुए हंगामे को लेकर सदन को स्थगित कर दिया। मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र सोमवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ को फ्लोर टेस्ट के लिए कहा जा रहा था।
सीएम कमलनाथ ने अपने पत्र में कहा कि कांग्रेस के लापता विधायकों की अनुपस्थिति में एक फ्लोर टेस्ट आयोजित करना अलोकतांत्रिक होगा। जिस पर उन्होंने आरोप लगाया था कि एक फ्लोर टेस्ट आयोजित करने का गवर्नर का निर्देश उनके संवैधानिक अधिकारों के दायरे से बाहर था और यह स्पीकर का अधिकार है।




