छत्तीसगढ़

आयकर छापेमारी अपडेट – बैकअप के लिए सीबीआई की टीम भी पहुंची; गैर जरूरी राजनीतिक फंडिंग का अंदेशा

छत्तीसगढ़ में पिछले 48 घंटे से चल रही इनकम टैक्स विभाग की कार्रवाई में तमाम चौंकाने वाली जानकारियां मिल रही हैं। जांच में सोने-चांदी और हीरों के साथ प्रॉपर्टी के दस्तावेज और करोड़ों के कैश मिलने की बात सामने आई है। इस मामले में सीबीआई ने भी दखल दे दिया है।

आयकर विभाग की इस पूरी कार्रवाई के दौरान राजनीतिक फंडिंग का भी अंदेशा है। इसके चलते शनिवार को सीबीआई की टीम छत्तीसगढ़ पहुंची। माना जा रहा है कि टीम बैकअप के लिए यहां आई है।

वैसे तो इनकम टैक्स की कार्रवाई प्रदेश के कई जिलों में चल रही है, लेकिन जो सबसे बड़े नाम सामने आए हैं- वह रायपुर और भिलाई के ही हैं। फिर चाहे वह रायपुर मेयर एजाज ढेबर हों, पूर्व मुख्य सचिव विवेक ढांड, आईएएस अनिल टुटेजा या फिर भिलाई में आबकारी विभाग के ओएसडी एपी त्रिपाठी और अब मुख्यमंत्री की उपसचिव सौम्या चौरसिया।

इन सबके बीच जो खास बात सामने आ रही है, वह है गैर जरूरी राजनीतिक फंडिंग। शुरू से माना जा रहा है कि कार्रवाई बहुत कुछ पॉलिटिकली फंडिंग को लेकर की गई है, लेकिन अब इसके गैर जरूरी होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

सीबीआई को कार्रवाई से पहले हाईकोर्ट की इजाजत लेनी होगी

अब सीबीआई की टीम ने रायपुर और भिलाई का रूख किया है। बताया जा रहा है कि इसके लिए 3 बार अलग-अलग फंडिंग की गई। हालांकि, सरकार पहले ही प्रदेश में सीबीआई पर प्रतिबंध लगा चुकी है। ऐसे में उनका तत्काल रूप से कोई भी कार्रवाई करना संभव नहीं है। इसके लिए हाईकोर्ट की इजाजत जरूरी है। अगर ऐसा होता है तो जल्द ही कई लोगों पर शिकंजा कस सकता है। वहीं, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पहले ही आयकर विभाग की पूरी कार्रवाई को अवैध बता चुके हैं। इसके लिए विधि सलाह लेने दिल्ली भी रवाना होने वाले हैं।

130 कीमती हीरों से जड़े जेवर और अलमारी भरे रुपए मिले

रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में 48 घंटे से भी ज्यादा समय से इनकम टैक्स विभाग की कार्रवाई जारी है। गुरुवार को 7 और शुक्रवार को 3 और प्रभावशाली लोगों पर पड़े छापों के नतीजों को लेकर रायपुर से दिल्ली तक के आयकर अफसरों ने चुप्पी साध रखी है। लेकिन, कई बातें उच्चस्तर से छनकर आने लगी हैं, भले ही इनकी पुष्टि कोई नहीं कर रहा है। चर्चा है कि रायपुर के एक ठिकाने से आयकर अफसरों को एक अलमारी भरकर नोट मिले हैं।

यहीं के एक ठिकाने से लगभग 130 कीमती हीरों से जड़े जेवरात भी भारी मात्रा में मिलने की सूचना है। इनकी जांच के लिए आयकर टीम ने कैरेटोमीटर मंगवाया है। भिलाई में पड़े छापों में एक ठिकाने से करोड़ों रुपए के विदेशी निवेश से जुड़े दस्तावेज मिल गए हैं। यही नहीं, रायपुर के एक परिसर से गुरुवार को देर रात एक डायरी भी मिल गई है जिसके बारे में कहा जा रहा है कि राजनैतिक खर्च के सबूतों के साथ इसमें कई नाम हैं। इसी आधार पर शुक्रवार को सीएम की डिप्टी सेक्रेटरी सौम्या चौरसिया को आयकर विभाग ने घेर लिया है।

अभी तक नहीं खुला मुख्यमंत्री की उपसचिव के घर का ताला

मुख्यमंत्री की उपसचिव सौम्या चौरसिया के भिलाई के सूर्या रेसिडेंसी स्थित बंगले का ताला 18 घंटे बीत जाने के बावजूद नहीं खुल सका है। आयकर विभाग की टीम ने शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे यहां दबिश दी थी। टीम के वहां पहुंचने से पहले ही छत्तीसगढ़ पुलिस पहुंच गई और सुरक्षा बढ़ा दी गई। हालांकि आयकर विभाग की टीम बंगले के बरामदे तक तो पहुंच गई, लेकिन फिर दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण घुस नहीं सकी। इसके बाद अधिकारी और सीआरपीएफ जवान गद्दे मंगवाकर बरामदे में ही सो गए थे।

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button