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Real-Life Hero: बिहार पुलिस के सिपाही की तारीफ, दिल का दौरा पड़ने पर CPR देकर CISF जवान की बचाई जान (Watch Video)


(Photo Credits: X@BiharPolice)

Real-Life Hero: बिहार की राजधानी पटना की एक व्यस्त सड़क पर मंगलवार को मानवता और बहादुरी का एक प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला. ड्यूटी पर तैनात बिहार पुलिस के एक सिपाही ने अपनी त्वरित सोच और प्राथमिक चिकित्सा के ज्ञान से एक सीआईएसएफ (CISF) जवान की जान बचा ली. यह जवान अचानक बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़ा था. घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर सिपाही की जमकर तारीफ हो रही है.

कांस्टेबल अंजनी कुमार गौरव की सूझबूझ

जानकारी के अनुसार, सिपाही अंजनी कुमार गौरव ने देखा कि एक सीआईएसएफ जवान अचानक अचेत होकर जमीन पर गिर गया है. स्थिति को देखते हुए सिपाही को तुरंत कार्डियक इमरजेंसी (हृदय संबंधी आपातकाल) का संदेह हुआ. बिना समय गंवाए और मेडिकल सहायता का इंतजार किए बिना, अंजनी कुमार ने भीड़ के बीच ही सड़क पर जवान को कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) देना शुरू कर दिया. यह भी पढ़े: Heart Attack: एमपी के ग्वालियर में कार चालक के लिए ‘देवदूत’ बना पेट्रोल पंप कर्मचारी अरमान खान, हार्ट अटैक के बाद CPR देकर बचाई जान

बिहार पुलिस के सिपाही की तारीफ

महज 30 सेकंड में लौटीं सांसें

वीडियो में देखा जा सकता है कि सिपाही बेहद पेशेवर तरीके से जवान की छाती को पंप कर रहे हैं. लगभग 30 सेकंड तक लगातार सीपीआर देने के बाद, जवान के शरीर में हरकत हुई और उसने सांस लेना शुरू कर दिया. सिपाही की इस निर्णायक कार्रवाई ने जवान को मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया. बिहार पुलिस ने इस वीडियो को साझा करते हुए लिखा, “आपकी सुरक्षा, हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता.”

सोशल मीडिया पर ‘रियल हीरो’ की तारीफ

बिहार पुलिस द्वारा साझा किए गए इस वीडियो को अब तक हजारों लोग देख चुके हैं. नेटिजन्स सिपाही अंजनी कुमार को ‘रियल लाइफ हीरो’ बता रहे हैं. लोगों का कहना है कि अगर सिपाही को सीपीआर की जानकारी नहीं होती, तो परिणाम दुखद हो सकता था. विभाग ने भी अपने जवान की इस संवेदनशीलता और ट्रेनिंग की सराहना की है.

आपातकालीन स्थिति में CPR का महत्व

चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं. यदि पेशेवर मदद पहुंचने से पहले मरीज को सही तरीके से सीपीआर मिल जाए, तो बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है. यह घटना न केवल पुलिस बल की ट्रेनिंग को दर्शाती है, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी बुनियादी जीवन रक्षक कौशल (Life-saving skills) सीखने की अहमियत पर जोर देती है.




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