#Social

Farrukhabad News: यूपी के फर्रुखाबाद में गैस की लाइन बनी मौत की कतार, सिलेंडर के इंतजार में 75 वर्षीय बुजुर्ग ने तोड़ा दम; सरकार पर उठे सवाल


(Photo Credits Twitter)

Farrukhabad News: उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले से एक दुखद और विचलित करने वाली खबर सामने आई है. जिले में रसोई गैस (LPG) की भारी किल्लत के बीच, शुक्रवार को लाल सराय स्थित एक गैस एजेंसी के गोदाम पर सिलेंडर लेने के लिए कतार में खड़े 75 वर्षीय बुजुर्ग मोहम्मद मुख्तार (कुछ रिपोर्टों में मुख्तार अंसारी) की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बुजुर्ग घंटों से अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे, तभी वे अचानक गश खाकर जमीन पर गिर पड़े.

घंटों इंतजार के बाद आया हार्ट अटैक

मोहल्ला गढ़ी खानखाना मनिहारी के निवासी मोहम्मद मुख्तार शुक्रवार सुबह करीब 6:30 बजे घर से सिलेंडर लेने निकले थे. परिजनों का कहना है कि घर में गैस खत्म होने के कारण वे खुद एजेंसी गए थे. लाल सराय स्थित गोदाम पर भारी भीड़ और लंबी लाइन के कारण उन्हें घंटों खड़ा रहना पड़ा. सुबह लगभग 9:00 बजे उन्हें चक्कर आया और वे बेहोश हो गए. वहां मौजूद लोगों ने उन्हें सीपीआर (CPR) देने की कोशिश की और निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. यह भी पढ़े:  Akhilesh Yadav On LPG Gas Cyclinder Shortage: एलपीजी संकट पर अखिलेश यादव का केंद्र पर हमला, कहा-हकीकत छिपा नहीं सकती सरकार

प्रशासन का इनकार और विपक्ष का हमला

इस घटना के बाद जिले के आपूर्ति विभाग और विपक्ष के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है.

  • प्रशासनिक पक्ष: जिला पूर्ति अधिकारी सुरेंद्र यादव ने जिले में गैस की किसी भी कमी से इनकार किया है. प्रशासन का दावा है कि बुजुर्ग पहले से बीमार थे और उनकी मौत का कारण लंबी लाइन नहीं बल्कि बीमारी हो सकती है.

  • विपक्ष का पलटवार: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए सरकार को आड़े हाथों लिया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि “भाजपा सरकार की गलतियां अब लोगों की जान ले रही हैं.” उन्होंने आरोप लगाया कि गैस की किल्लत और कतारों ने एक परिवार को उजाड़ दिया है.

जिले में गहराता गैस संकट

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पिछले कुछ दिनों से फर्रुखाबाद में एलपीजी सिलेंडर की भारी किल्लत देखी जा रही है. बुकिंग के बावजूद लोगों को कई-कई दिनों तक एजेंसियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं. आवास विकास और कादरीगेट जैसी अन्य एजेंसियों पर भी भारी भीड़ और हंगामे की खबरें आ रही हैं. उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस के वितरण में पारदर्शिता की कमी और कालाबाजारी के कारण आम आदमी को घंटों धूप और अव्यवस्था के बीच खड़ा होना पड़ रहा है.

प्रशासनिक कार्रवाई की मांग

घटना के बाद से क्षेत्र में भारी रोष व्याप्त है. स्थानीय लोगों ने मांग की है कि गैस वितरण प्रणाली में तत्काल सुधार किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके. फिलहाल पुलिस ने मामले की जानकारी होने से इनकार किया है, जबकि परिवार में मातम छाया हुआ है.




Related Articles

Back to top button