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HP: कैंची मोड़ में दरारें, एनएच पर फिर मंडराया खतरा



Pandoh. पंडोह। चंडीगढ़ -मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग के पंडोह कैंची मोड़ से डयोड तक फोरलेन सडक़ मार्ग वर्षा के साथ-साथ धंसता जा रहा है। ऐसे में कभी भी बंद हो कर परेशानी का कारण बन सकता है। करोड़ों की लागत से नवनिर्मित कैंची मोड की सुरक्षा के लिए पहाड़ी से आने वाले स्लीप को रोकने के लिए एनएचएआई कम से कम सात मीटर ऊंचे कंक्रीट के डंगे तथा पानी की निकासी के लिए कलवर्ट नहीं लगा सकी। इन दो कारणों से नवनिर्मित कैंची मोड़ की दरारें बढऩे से इसके गिरने का खतरा बढ़ गया है। कैंची मोड़ की पहाड़ी पर लगातार लैंडस्लाइड हो रहा है। जिसके मलवे के कारण फ ोरलेन वन वे हो गया है और कैंची मोड़ गांव के साथ पहाड़ी पर बसे खणेहु गांव भी इस लैंडस्लाइड की जद में आ गया है। तीन घर तो हवा में लटके पड़े हैं। जिन्हें लोगों द्वारा खाली तो कर दिया है, मगर इन्हें देखकर घुट घुट कर

रोने को विवश हैं।

डंगे लगाने की मांग करते करते ये पीडि़त परिवार अब थक चुकें हैं। कैंची मोड़ के धंसने का सबसे बड़ा कारण यहां पर वर्षा के पानी की निकासी ना होना रहा था। पूरे नो महिनों तक कैंची मोड़ लाखों लोगों की परेशानी का कारण बना रहा। सरकार पर निर्माण का सैकड़ों करोड़ का अतिरिक्त बोझ बढ़ा। नव निर्मित कैंची मोड़ की दरारों का कारण यह पानी है। इसके साथ ही डयोड तक फोरलेन की ब्यास वाली लेन पूरी पांच फु ट तक धंस गई है। यहां भी वन वे ट्रैफि क चलाईं जा रही। यहां पर पूरी सडक़ धंस सकती है। एनएचएआई केवल अपने चहेते ठेकेदारों का घर भरने में लगी है। सडक़ सुरक्षा की कोई परवाह नहीं है। जिससे लोगों की चिंताएं और बढ़ती जा रही हैं। चंडीगढ़ मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग के डयोड के पास धंसी सडक़ पर लीपापोती कर दी गई है। यहां से 100 मीटर लंबाई में फोरलेन की ब्यास वाली लेन 4 से पांच फुट तक धंस गई थी।



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