रायपुर – किशोरी को सड़कों पर घसीट कर गंडासे से मारता रहा हैवान, शादी से किया था नाबालिग लड़की ने इंकार, तमाशबीन बने रहे लोग

छत्तीसगढ़ की राजधानी से गुढ़ियारी क्षेत्र से एक सिरफिरे आशिक का मामला सामने आया है। इस सिरफिरे आशिक मसाला कारोबारी ने किशोरी के घर घुसकर उसके गले पर चापर से वार किया और लहूलुहान युवती को बालों से घसीटते हुए सड़क पर घूमाते रहा। लेकिन किसी ने उसकी मदद नहीं की। बताया जा रहा है कि नाबालिग किशोरी की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने आरोपी को घटना के बाद गिरफ्तार कर दूसरे दिन वहीं से ही उसका जुलूस निकाला।
सिरफिरा कारोबारी किशोरी पर शादी के लिए दबाव डाल रहा था। गंभीर रूप से घायल किशोरी के परिजनों ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि शनिवार को 47 वर्षीय मसाला कारोबारी ओंकार तिवारी उनके घर पहुंचा और घर में किशोरी की मां से उसे अपनी बेटी सौंपने के लिए कहा। ओंकार ने किशोरी के मां से कहा कि वह उसकी बेटी से शादी करेगा। वह उसे सौंप दे मां ने विरोध किया तो ओंकार ने किशोरी के गले पर गंडासे से वार कर दिया। इसके बाद लड़की दर्द से तड़पते हुए आरोपी के चंगुल से बचकर घर से बाहर दौड़ते हुए भागी इतने में ओंकार उसके पीछे दौड़ते हुए किशोरी की बाल पकड़ लिए और घायल अवस्था में बीच सड़क पर घसीटते हुए घुमाने लगा और किशोरी बचाव के लिए चीखती-चिल्लाती रही। लेकिन उसकी मदद करने कोई सामने नहीं आया।
बताया जा रहा है कि ओंकार ने किशोरी पर हमला करने के बाद जब उसे अपनी गिरफ्त में लिया। तब किशोरी बेहोशी की कगार पर पहुंच गई थी। बावजूद इसके ओंकार ने किशोरी पर रहम करने के बजाय उसे काफी देर तक गुढ़ियारी पड़ाव की सड़कों पर घसीटता रहा। गुस्सा शांत होने के बाद ओंकार किशोरी को बीच सड़क में अधमरी हालत में छोड़कर मौके से फरार हो गया। घायल किशोरी को ओंकार बीच सड़क पर जब घसीट रहा था, तब वह अपने हाथ में चापड़ लेकर खुले आम फिल्मी स्टाइल में लहरा रहा था। बीच सड़क में घायल किशोरी अपने बचाव के लिए चीख रही थी, तब भी किसी ने उसे बचाने की कोशिश नहीं की। जबकि सड़कों पर लोगों की भीड़ थी। लोग तमाशबीन बन खूनी मंजर देखते रहे और वीडियो बनाते रहे।
घटना के समय आरोपी द्वारा शराब के नशे में धुत होने की बात सामने आई है। इस वजह से पुलिस उससे शनिवार को पूछताछ नहीं कर पाई। ओंकार के हमले से घायल किशोरी 11वीं कक्षा में पढ़ाई कर रही है। दो वर्ष पूर्व लॉकडाउन के समय पढ़ाई बंद होने की वजह से वह अपने पड़ोस में रहने वाले मसाला कारोबारी के यहां काम पर लगी थी। तब से उसकी किशोरी पर बुरी नजर थी। स्कूल खुलने के बाद किशोरी ओंकार के यहां नौकरी छोड़ वापस पढ़ाई करने लगी। इसके बाद से ओंकार किशोरी तथा उसके परिजनों पर दबाव बनाकर काम पर आने के लिए मजबूर कर रहा था।




