
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड में पदस्थ शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव के विरोध में यंहा 70 महिला स्वसहायता समूह की सदस्यों ने मोर्चा खोल दिया है. महिलाओं का आरोप है कि शिक्षा अधिकारी अपना कमीशन वसूलने के लिए महिला सदस्यों को अपमानित करने में भी पीछे नहीं रहते हैं.
दरअसल बगीचा क्षेत्र में बीते तीन साल से जबरन अवैध उगाही का सिलसिला चल रहा है. अब तक इन महिला स्वसहायता समूह से लाखों रूपये की राशि उगाही करने का आरोप लगा है.
सबसे दिलचस्प बात यह है कि स्वसहायता समूह की महिलाओं ने क्लेक्टर जशपुर रितेश अग्रवाल के समक्ष अवैध लेन देन करते हुए एक वीडियो भी दिखाया है जिसमे साफ देखा जा सकता है कि बीईओ मनीराम यादव पैसा लेते दिखाई दे रहे है। इस शिकायत के बाद बीईओ मनीराम यादव को हटाकर डीईओ कार्यालय में अटैच कर जांच शुरू कर दी गई है. और मनीराम के जगह पर बीईओ के पद पर रेशम लाल कोसले को बीईओ बना कर भेजा है लेकिन वित्तिय अधिकार पूर्व बीईओ के चहेते आत्मनाद स्कूल के प्रिंसिपल जगदेव लकड़ा को दिया गया है इससे जांच पर सवालिया निशान लग रहा है. . जबकि क्लेक्टर के आदेश में सभी प्रभार नवपदस्थ बीईओ को दिया गया है उसके बाद भी डीईओ जेके प्रसाद ने क्लेक्टर के आदेश का अवहेलना कर आदेश में संशोधन कर अपने चहेते को वितीय पावर दे दिया है।
इधर दो दिसम्बर को जांच टीम सभी स्वसहायता की महिलाओं से पूछताछ करने पहुंची लेकिन जांच टीम के पहुंचने से पहले ही बीईओ मनीराम के इशारे पर उनके संकुल समन्वयक रात को महिलाओं के घर पहुंचकर राजीनामा के पेपर पर दबाव बनाकर सिग्नेचर ले रहे है. जिस बात की जानकारी रिकार्डिंग महिलाओं के पास उपलब्ध है।
आपको बता दें कि पूर्व में भी मनीराम यादव बीईओ सरगुजा के लुंड्रा में बीईओ थे वहां भी इनके ऊपर मध्यान भोजन में गड़बड़ी करने का आरोप लगा था. 2 करोड़ 43 लाख रुपये की गड़बड़ी की राशि का समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर हुई थी जिसकी कटिंग शिकायत की कापी में संलग्न किया है।
वही इस मामले में बगीचा अनुवुभागिय अधिकारी आकांक्षा त्रिपाठी का कहना है कि क्लेक्टर से इस मामले में शिकायत हुई थी शिकायत के बाद जांच चल रही है जांच होते तक बीईओ मनीराम यादव को हटा दिया गया है और डीईओ कार्यालय में अटैच किया गया है जांच के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।



