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बड़ी खबर – मुंगेली नगर पालिका अध्यक्ष बर्खास्त, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश

मुंगेली नगर पालिका अध्यक्ष संतूलाल सोनकर को बर्खास्त कर दिया है। सोनकर पर बग़ैर कार्य कराए तेरह लाख रुपए भुगतान का आरोप है जो राज्य सरकार ने जाँच में सिद्ध पाया है। संतुराम पेशे से शिक्षक थे। वे भाजपा जॉइन करने के लिए नौकरी छोड़ दिये। फिर नगरपालिका अध्यक्ष चुने गये थे। जारी आदेश में कहा गया है कि सन्तूलाल सोनकर, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद मुंगेली को वार्ड कं. 08 होरीलाल शर्मा के घर से गार्डन की बाउण्ड्रीवाल होते हुए स्टेडियम तक बिना नाली निर्माण कार्य के ठेकेदार सोफिया कंस्ट्रक्शन एण्ड सप्लायर अकलतरा को राशि रू.13,21,818 /- का भुगतान किये जाने के लिए छ.ग. नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 41 क. के तहत विभाग के समसंख्यक पत्र दिनांक 24.07.2021 द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया।

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सोनकर के द्वारा उक्त कारण बताओ सूचना पत्र का प्रतिउत्तर दिनांक 16.08.2021 को प्रस्तुत कर समक्ष में सुनवाई का अवसर प्रदान करने की मांग की गई फलस्वरूप सोनकर को दिनांक 13.09.2021 एवं 21.10.2021 को समक्ष में सुना गया। सोनकर से प्राप्त प्रतिउत्तर का परीक्षण किया गया: सन्तूलाल सोनकर का कथन कि नगर पालिका परिषद मुंगेली में वर्ष 2015 में वार्ड क्र. 08 में निर्माण हेतु निविदा आमंत्रित की गई, जिसमें सोफिया कन्ट्रक्शन सफल बोलीदार थे। नगर पालिका परिषद के अनुमोदन पश्चात उन्हें कार्यादेश जारी किया गया। जल निकासी के लिए प्रस्तावित कार्य स्थल पर निजी जमीन को लेकर विवाद हुआ मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने दिनांक 10.09.2020 को मौखिक रूप से नाली निर्माण का निर्देश दिया तथा संबंधित निजी भूमि को छोड़कर निर्माण किया गया। तत्पश्चात मुख्य नगर पालिका अधिकारी के द्वारा उनके समक्ष भुगतान हेतु कार्य का विधिवत सत्यापन कर नोटशीट प्रस्तुत की गई. जिस पर उनके द्वारा दिनांक 19.02.2021 को नोटशीट पर नियमानुसार भुगतान किये जाने हेतु लेख किया गया है।

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उपरोक्त बिन्दु पर संतूलाल सोनकर अध्यक्ष का यह कथन कि दिनांक 19.02.2021 को उनके द्वारा नोटशीट पर नियमानुसार भुगतान किये जाने हेतु लेख किया गया है, मान्य योग्य नहीं है। अध्यक्ष के समक्ष प्रस्तुत अभिलेख जिन पर उनके द्वारा कार्यवाही हेतु टीप की गई है, पर उत्तरदायित्व से बचा नहीं जा सकता। वस्तुतः बिना कार्य कराये किये गये अनियमित भुगतान पर नोटशीट में हस्ताक्षर कर सोनकर ने स्वयं को उत्तरदायी बनाया है। सोनकर का कथन कि भुगतान के लिए प्रत्येक बिल प्रथम बार लेखापाल को प्रस्तुत किया जायेगा, जो अंकगणितीय शुद्धता और निष्पक्षता एवं दावे की स्वीकृति माप और अन्य दस्तावेजों की जांच कर सही पाये जाने पर अपने आद्याक्षर कर मुख्य नगर पालिका अधिकारी के समक्ष आदेश हेतु रखेगा।

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सन्तूलाल सोनकर अध्यक्ष नगर पालिका परिषद मुंगेली द्वारा फर्जी भुगतान में संलिप्तता प्रक्रियात्मक अनियमितता नहीं है, अपितु इस कृत्य में वित्तीय लाभ भी समाहित है। अतएव ठेकेदार को किये गये अनियमित भुगतान हेतु सन्तूलाल सोनकर अध्यक्ष नगर पालिका परिषद मुंगेली समान रूप से उत्तरदायी है। सन्तूलाल सोनकर का नगर पालिका परिषद मुंगेली के अध्यक्ष के पद पर बना रहना लोकहित में वांछनीय नहीं है। राज्य शासन एतद्द्वारा सन्तूलाल सोनकर, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद मुंगेली को छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 41 क की उप धारा (1) के तहत अध्यक्ष या किसी समिति के अध्यक्ष पद से हटाते हुए उप धारा (2) के प्रावधानान्तर्गत अध्यक्ष या किसी समिति के अध्यक्ष पद पर आगामी पदावधि के लिए पद धारण करने से निरर्हित घोषित करता है।

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