अगहन गुरुवार आज, इस विधि से करें मां लक्ष्मी की पूजा, बरसेगा धन
बिक्रम संवत के नौवें महीने अगहन का गुरुवार 25 नवंबर यानी आज पड़ेगा। अगहन महीने में पड़ने वाले गुरुवार को मां लक्ष्मी की पूजा का विधान है। धन की देवी मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा की जाएगी। सुबह पूजा के बाद दोपहर बाद अगहन बृहस्पतिवार की कहानी सुनी जाएगी।
इस दिन महिलाएं दिनभर व्रत रखकर घरों में धन-धान्य की वृद्धि की कामना भी करेंगी। कहते हैं कि अगहन महीने के गुरुवार को लक्ष्मी की पूजा काफी फलदायी होती है। इस दिन महिलाएं व्रत रखती हैं और सुबह-सवेरे ही पूजा कर लेती हैं। पूजा के बाद दोपहर में अगहन बृहस्पतिवार की कहानी सुनी जाती है।
बता दें कि बुधवार की शाम से ही इसकी तैयारी घरों में होने लगी थी। शाम को घरो के सामने मुख्य द्वार पर रंगोली से आकर्षक आकृतियां बनाई गईं। घरों के भीतर और चावल के आटे को भीगा कर उससे रेहन बनाया गया। उससे दीवारों के कोनों में बेल की तरह फूल और पत्तियों की आकृतियां बनाई गई। इसे आकर्षक तरीके से सजाया गया। मां लक्ष्मी की चरणों के निशान के प्रतिक स्वरूप भी बनाए गए। देर रात मां लक्ष्मी की शयन पूजा की गई।
पूजा विधि –
सुबह उठकर महिलाएं मां लक्ष्मी की पूजा करती हैं। ये पूजा रखिया, आवंला, उसके पत्ते और धान की बालियाों के साथ की जाती है। इस पूजा में रखिया और आवंला खास होता है। मां की पूजा में मीठे पकवानों का बोग भी लगता है। पूजा के बाद दोपहर में कथा सुनने का प्रचलन है। इसके बाद शाम में मां लक्ष्मी की आरती की जाती है। वहीं, अगहन बृहस्पतिवार की पूजा में रखिया और आंवला का विशेष महत्व माना जाता है। दोनों फलों का अलग-अलग औषधीय गुण है। इसके अलावा इसमें गेंदे के फूल का भी उपयोग करते हैं, ताकि पीले रंग से पूज स्थल आकर्षक बन जाए।परंपरा के अनुसार मीठे पकवानों का भोग लगाए जाएंगे। दोपहर में कथा सनी जाएगी।




