Happy janmashtami 2021 – माखन चुराकर जिसने खाया… बंसी बजाकर जिसने नचाया… कान्हा के जन्म की अपनों को इस तरह दे बधाई..

Shree Krishna Janmashtami 2021 : हिंदू धर्म में कृष्ण जन्माष्टमी का बहुत अधिक महत्व होता है। भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव को कृष्ण जन्माष्टमी के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्री कृष्ण का जन्म भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथी और रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। श्री कृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव बड़े ही धूम- धाम से मनाया जाता है। इस दिन श्री कृष्ण बाल रूप की लड्डू गोपाल की पूजा- अर्चना की जाती है। इस दिन व्रत भी रखा जाता है।
अन्य सभी पर्वों की तरह जन्माष्टमी के मौके पर भी लो अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को शुभकामना संदेश, जन्माष्टमी इमेज, हैप्पी जन्माष्टमी शायरी आदि भेजकर एक-दूसरे को बधाई देते हैं। कोरोना संटक महामारी के दौरान एक-दूसरे के हाल जानने का भी यह जरिया हो सकता है। हम आपके लिए कुछ चुनिंदा जन्माष्टमी इमेज और संदेश लेकर आए हैं जिन्हें आप अपने करीबियों को शेयर कर सकते हैं-
पलकें झुकें और नमन हो जाए,
मस्तक झुके और वंदन हो जाए,
ऐसी नजर कहां से लाऊ, मेरे कन्हैया
कि आपको याद करूं और दर्शन हो जाएं।।
कृष्ण जिनका नाम,
गोकुल जिनका धाम,
ऐसे श्री कृष्ण भगवान को
हम सब का प्रणाम,
कृष्ण जन्माष्टमी की बधाई
छीन लूं तुझे दुनिया से
मेरे बस में नहीं,
मगर मेरे दिल से तुझे कोई निकाल दे,
ये भी किसी के बस में नहीं
जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाए
माखन चुराकर जिसने खाया,
बंसी बजाकर जिसने नचाया,
खुशी मनाओ उसके जन्म दिन की,
जिसने दुनिया को प्रेम का रास्ता दिखाया
ए जन्नत अपनी औकात में रहना
हम तेरी जन्नत के मोहताज नहीं
हम श्री बांकेबिहारी के चरणों में रहते ह
वहां तेरी भी कोई औकात नहीं
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जिस पर राधा को मान है
जिस पर राधा को गुमान है
के दिल हर जगह विराजमान हैं
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बाजार के रंगो में रंगने की मुझे जरुरत नहीं
मेरे कान्हा की याद आते ही ये चेहरा गुलाबी हो जाता है
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राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आएंगे
एक बार आ गए तो कभी नहीं जायेंगे
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सुध-बुध खो रही राधा रानी
इंतजार अब सहा न जाएं
कोई कह दो सावरे से
वो जल्दी राधा के पास आएं
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कान्हा को राधा ने प्यार का पैगाम लिखा
पूरे खत में सिर्फ कान्हा-कान्हा नाम लिखा
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कोई प्यार करे तो राधा-कृष्ण की तरह करे
जो एक बार मिले, तो फिर कभी बिछड़े हीं नहीं
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राधा के हृदय में श्री कृष्ण
राधा की सांसों में श्री कृष्ण
राधा में ही हैं श्री कृष्ण
इसीलिए दुनिया कहती हैं
राधे-कृष्ण राधे-कृष्ण
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फूलो में सज रहे हैं श्री वृंदावन बिहारी
और साथ सज रही है वृषभानु की दुलारी
टेड़ा सा मुकुट रखा है कैसे सर पर
करुणा बरस रही है करुणा भरी निगाह से
बिन मोल बीक गयी हु जबसे छबि निहारी
फूंलों मे सज रहे हैं श्री वृंदावन बिहारी
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कृष्ण की प्रेम बांसुरिया सुन भई वो प्रेम दिवानी
जब-जब कान्हा मुरली बजाएं दौड़ी आये राधा रानी….



