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big breking – राजधानी के जिला अस्पताल में 7 नवजात शिशुओं की मौत परिजनों ने मासूमों के शव को लिए भटके इधर – उधर, मौत से मचा हड़कंप

राजधानी जिला अस्पताल में एक ही दिन में 7 बच्चों की मौत के आरोपों से हंगामा मचा हुआ है। परिजन के आरोपों के बाद जिला अस्पताल प्रबंधन ने सफाई दी है। उसका कहना है कि मंगलवार सुबह 8 बजे से 24 घंटे के दौरान केवल दो ही बच्चों की मौत हुई है। इससे उलट अस्पताल में अभी भी भर्ती बच्चों के परिजन ने एक बार फिर दावा किया है कि उन्होंने कल 6 से ज्यादा शवों को बाहर आते देखा है। डॉक्टर झूठ बोल रहे हैं।

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पहचान उजागर न करने की शर्त पर मुंगेली जिले से आए एक नवजात बच्ची के पिता ने बताया, उनकी पत्नी का सोमवार को यहां सामान्य प्रसव हुआ। बच्ची बेहद कमजोर है। कल के हंगामे से वे बेहद डरे हुए हैं। कहा, उनके दो बच्चों की जन्म के बाद ही मौत हो चुकी है। दावा किया कि कम शाम को ही कम से कम तीन बच्चों की मौत हुई है।
अमलेश्वर से आए एक युवक ने बताया, शाम 7 बजे से रात 9 बजे के बीच ही तीन बच्चों की मौत हुई है। कल सुबह से कम से कम छह बच्चों के शवों को उन्होंने बाहर जाते हुए देखा है। एक अन्य बच्चे के परिजन ने बताया, कल रात को जिस बच्चे की मौत के बाद हंगामा हुआ उसको डॉक्टरों ने निजी अस्पताल जाने को कह दिया था। परिजनों ने एम्बुलेंस भी बुला ली, लेकिन ऑक्सीजन सहित बच्चे को वहां तक ले जाने को डॉक्टर तैयार नहीं थे।

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अस्पताल प्रबंधन ने कहा, दो बच्चे मरे और यह सामान्य जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. पीके गुप्ता ने कहा, रात में उन्होंने रजिस्टर चेक किया। कल की तारीख में केवल दो बच्चों की मौत हुई है। एक मौत सुबह हुई और दूसरी रात को 8 बजे। नवजात शिशु इकाई के प्रभारी डॉ. ओंकार खंडवाल ने भी कहा, कल सुबह 8 बजे से आज सुबह 8 बजे तक केवल 2 बच्चों की मौत हुई है। 19 जुलाई को यहां तीन बच्चों की मौत हुई थी, जबकि 18 तारीख को कोई मौत नहीं थी। डॉ. खंडवाल ने बताया, SNCU की क्षमता 45 बच्चों की है, अभी 37 का इलाज हो रहा है।

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