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Viral Video From Bihar: रेस्टोरेंट में साथ खाना खाते दिखे प्रोफेसर और पीएचडी छात्रा, वीडियो वायरल होने के बाद पूर्णिया यूनिवर्सिटी से जांच के आदेश


रेस्टोरेंट में साथ खाना खाते दिखे प्रोफेसर और पीएचडी छात्रा (Photo Credits: X/@firstbiharnews)

Viral Video From Bihar: बिहार (Bihar) की पूर्णिया यूनिवर्सिटी (Purnia University) एक बार फिर विवादों के घेरे में है. सोशल मीडिया (Social Media) पर एक प्रोफेसर और उनकी पीएचडी छात्रा (PhD Student) का एक रेस्टोरेंट में साथ भोजन साझा करते हुए वीडियो वायरल (Viral Video) होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन (University Administration) ने कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं. बुधवार, 8 अप्रैल को एक्स (पूर्व में ट्विटर) और अन्य प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हुए इस वीडियो ने कैंपस में भारी असंतोष पैदा कर दिया है, जिसके बाद प्रशासन ने औपचारिक अनुशासनात्मक जांच के आदेश जारी किए हैं. यह भी पढ़ें: ‘IIT बाबा’ ने रचाई शादी: महाकुंभ 2025 से चर्चा में आए अभय सिंह और प्रतीका के विवाह की पूरी जानकारी

रेस्टोरेंट का वीडियो बना विवाद की जड़

यह पूरा विवाद एक स्थानीय रेस्टोरेंट “डोसा प्लाजा” में फिल्माए गए वीडियो से शुरू हुआ. वीडियो में प्रोफेसर और उनकी छात्रा एक ही प्लेट से खाना खाते और हंसते-बोलते नजर आ रहे हैं. सोशल मीडिया पर कुछ और तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें दोनों के बीच की नजदीकियों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं. जहां इंटरनेट पर कुछ लोग इसे ‘निजी मामला’ बता रहे हैं, वहीं विश्वविद्यालय के छात्र संगठनों ने इसे ‘गुरु-शिष्य’ परंपरा की गरिमा का उल्लंघन और संस्थान की छवि को नुकसान पहुँचाने वाला कृत्य बताया है.

वायरल वीडियो में छात्र और प्रोफेसर साथ खाना खाते दिखे

विश्वविद्यालय प्रशासन ने बिठाई जांच

मामले की गंभीरता और बढ़ते विरोध को देखते हुए कुलपति प्रोफेसर विवेकानंद सिंह ने अनुशासनात्मक समिति को गहन जांच का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर डॉ. उदय नारायण सिंह ने कहा, ‘संस्थान की छवि हमारी प्राथमिकता है. हमने वायरल सामग्री का संज्ञान लिया है और एक निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है. समिति की रिपोर्ट के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.’

तस्वीर में स्टूडेंट का हाथ प्रोफेसर की जांघ पर दिखाया गया है

कैंपस में छात्रों का उग्र प्रदर्शन

वीडियो वायरल होने के बाद बुधवार सुबह छात्र नेताओं ने कैंपस में धरना प्रदर्शन किया. इस दौरान छात्रों ने कुलपति के वाहन को रोककर संबंधित प्रोफेसर को तुरंत निलंबित करने की मांग की.  प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि शोधार्थी और उनके सुपरवाइजर के बीच इस तरह की सार्वजनिक नजदीकी पक्षपात या दबाव का माहौल बना सकती है. प्रशासन द्वारा लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही प्रदर्शन समाप्त हुआ.

पेशेवर नैतिकता पर छिड़ी बहस

इस घटना ने बिहार के शैक्षणिक गलियारों में पेशेवर नैतिकता (Professional Ethics) को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है. कई शिक्षाविदों ने नाम न छापने की शर्त पर चिंता व्यक्त की है कि ऐसी घटनाएं मेंटर और मेंटी (शिक्षक और छात्र) के पारंपरिक रिश्तों में गिरावट को दर्शाती हैं. पूर्णिया यूनिवर्सिटी के लिए यह मामला उसकी प्रशासनिक और नैतिक मानकों को लागू करने की क्षमता की परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है.




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