पार्थ पवार ने राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली; बारामती उपचुनाव में सुनेत्रा पवार को निर्विरोध जिताने की कोशिशें तेज

NCP युवा नेता पार्थ पवार (Photo Credits: IANS)
नई दिल्ली/मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति (Maharashtra Politics) में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखने को मिला. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (Nationalist Congress Party) यानी एनसीपी (NCP) के युवा नेता पार्थ पवार (Parth Pawar) ने आधिकारिक तौर पर राज्यसभा सदस्य (Member of Rajya Sabha) के रूप में शपथ ली. संसद भवन में आयोजित एक समारोह के दौरान राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन (C. P. Radhakrishnan) ने 35 वर्षीय पार्थ पवार को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. पार्थ ने अंग्रेजी में शपथ ली. इस अवसर पर सदन के नेता जे.पी. नड्डा (J.P. Nadda) और कांग्रेस के मुख्य सचेतक जयराम रमेश (Jairam Ramesh) सहित कई दिग्गज नेता मौजूद रहे. यह भी पढ़ें: Jay Pawar Enters Politics: अजित पवार के बेटे जय की राजनीति में एंट्री, NCP की शीर्ष समिति में मिली जगह
पारिवारिक विरासत और राजनीतिक सफर
पार्थ पवार महाराष्ट्र के कद्दावर नेता दिवंगत अजीत पवार के पुत्र हैं, जिनका इसी वर्ष एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया था. पार्थ की यह नियुक्ति अजीत पवार की मृत्यु के बाद खाली हुई राजनीतिक परिस्थितियों के बीच हुई है. उल्लेखनीय है कि इससे पहले अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार राज्यसभा के लिए चुनी गई थीं, लेकिन पति के निधन के बाद उन्होंने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री का पद संभाला और उच्च सदन से इस्तीफा दे दिया. पार्थ पवार को राज्य विधानसभा में एनसीपी के 40 विधायकों के समर्थन से राज्यसभा भेजा गया है.
बारामती उपचुनाव: ‘निर्विरोध’ चुनाव की अपील
पार्थ पवार की शपथ के साथ ही महाराष्ट्र में एक और बड़ा राजनीतिक मोर्चा खुला हुआ है. बारामती विधानसभा सीट पर 23 अप्रैल को उपचुनाव होना है. एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने गुरुवार को महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल से मुलाकात की. रोहित पवार ने कांग्रेस से अपना उम्मीदवार आकाश मोरे वापस लेने का अनुरोध किया ताकि उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार निर्विरोध निर्वाचित हो सकें. यह भी पढ़ें: Jay Pawar Rajya Sabha: अजित पवार के बड़े बेटे पार्थ नहीं, छोटे बेटे जय जा सकते हैं राज्यसभा; जानें वजह
भावनात्मक अपील और राजनीतिक श्रद्धांजलि
रोहित पवार ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “यह उपचुनाव पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के असामयिक निधन के कारण हो रहा है. उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि बारामती में चुनाव निर्विरोध हो. मैंने कांग्रेस से भावनात्मक आधार पर अपना नामांकन वापस लेने की अपील की है.” इस दौरान उन्होंने कांग्रेस प्रभारी रमेश चेन्निथला से वीडियो कॉल के जरिए चर्चा भी की.
कांग्रेस ‘हाईकमान’ के फैसले का इंतजार
कांग्रेस पार्टी ने फिलहाल इस पर अंतिम निर्णय दिल्ली स्थित ‘हाईकमान’ पर छोड़ दिया है. सूत्रों के अनुसार, बारामती में चुनाव लड़ने का फैसला राष्ट्रीय स्तर पर लिया गया था, इसलिए नामांकन वापसी के लिए दिल्ली के नेताओं की अनुमति अनिवार्य है. गुरुवार को नामांकन वापस लेने का आखिरी दिन होने के कारण राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज है.




