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BJP Attack on Rahul Gandhi: ‘हम उन्हें अदालत में घसीटेंगे’, सिखों पर राहुल गांधी की टिप्पणी से भड़की बीजेपी


Credit -ANI

BJP Attack on Rahul Gandhi: भाजपा ने विपक्षी नेता राहुल गांधी पर सिखों को लेकर की गई टिप्पणी को लेकर निशाना साधा है. बीजेपी नेता आरपी सिंह ने मंगलवार को कहा कि दिल्ली में 3000 सिखों का कत्लेआम किया गया. उनकी पगड़ियां उतार दी गईं. उनके बाल काट दिए गए और दाढ़ी मुंडवा दी गई. राहुल गांधी यह नहीं कहते कि यह सब तब हुआ जब कांग्रेस सत्ता में थी. मैं राहुल गांधी को चुनौती देता हूं कि वह सिखों के बारे में जो कुछ भी कह रहे हैं, उसे भारत में भी दोहराएं. फिर मैं उनके खिलाफ केस दर्ज कराऊंगा और उन्हें कोर्ट में घसीटूंगा.

राहुल गांधी के इस बयान पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं और विपक्ष का पद एक जिम्मेदारी वाला पद होता है. मैं राहुल गांधी को याद दिलाना चाहता हूं कि जब अटल बिहारी वाजपेयी विपक्ष के नेता थे, तब उन्होंने कभी विदेशी धरती पर देश की छवि खराब करने की कोशिश नहीं की. लगातार तीसरी बार हारने के कारण उनके मन में भाजपा विरोधी, आरएसएस विरोधी और मोदी विरोधी भावनाएं घर कर गई हैं. वह लगातार देश की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं. देश की छवि खराब करना देशद्रोह के समान है. संविधान पर हमला किसने किया? आपातकाल किसने लगाया? वे भारत जोड़ो यात्रा पर निकलते हैं, लेकिन न तो भारत से जुड़ पाते हैं और न ही भारत के लोगों से.

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भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि डर किसको है? डर तो सिर्फ भ्रष्टाचार, घोटाले और देश के संसाधनों का दुरुपयोग करने वालों को है, उन्हें डरना चाहिए. लेकिन देश में एक भी व्यक्ति ऐसा नहीं है जो यह कह सके कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से डरता है. राहुल गांधी ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि लोगों में प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता बढ़ रही है. राहुल गांधी इसे बर्दाश्त नहीं कर सकते. इसलिए वे डर के माहौल की कहानी बना रहे हैं. किसी विपक्षी नेता को विदेशी धरती पर इस तरह के गैरजिम्मेदाराना बयान नहीं देने चाहिए.

दरअसल, वर्जीनिया में भारतीय समुदाय के लोगों से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि भारत में लड़ाई राजनीति की नहीं है. लड़ाई इस बात की है कि क्या उन्हें भारत में सिख के तौर पर पगड़ी पहनने की इजाजत मिलेगी. या उन्हें भारत में सिख के तौर पर कड़ा पहनने की इजाजत मिलेगी. या एक सिख गुरुद्वारे में जा सकेगा. यही लड़ाई है और सिर्फ़ उनके लिए नहीं, बल्कि सभी धर्मों के लिए है. मैं यहां भीड़ में तमिलनाडु, पंजाब, हरियाणा, तेलंगाना, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और केरल के लोगों को देख सकता हूं. मैं केरल से सांसद रहा हूं सबसे पहले, जब आप कहते हैं, जब मुझे समझ में नहीं आता, केरल एक सरल शब्द है, पंजाब एक सरल शब्द है, लेकिन ये सरल शब्द नहीं हैं. यह आपका इतिहास है, आपकी भाषा है, आपकी परंपरा है. आपकी पूरी कल्पना इन शब्दों में है.




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