देश विदेश

दक्षिण कोरिया, ताइवान और सिंगापुर ने कोरोना पर किया काबू , अन्य देशों को भी लेनी चाहिए सीख

कोरोना वायरस जैसी महामारी से इस वक्त दुनिया के 200 से अधिक देश जूझ रहे हैं, लेकिन इन्हीं देश में कुछ ऐसे भी हैं जो अन्य देश के मुकाबले कोरोना को तेजी से हराने में कामयाब हो रहे हैं। कोरोना से तेजी से निपटने वाले देशों की लिस्ट में दक्षिण कोरिया, ताइवान, सिंगापुर और हांगकांग जैसे नाम शामिल हैं। आइए जानते हैं इन देशों ने कोरोना पर काबू पाने के लिए ऐसा किया जिससे पूरी दुनिया को सीख लेनी चाहिए।

कोरोना के खिलाफ दक्षिण कोरिया की रणनीति
दक्षिण उन देशों की लिस्ट में सबसे ऊपर है जहां कोरोना के कारण लॉकडाउन की स्थिति पैदा नहीं हुई। दक्षिण कोरिया ने बिना लॉकडाउन किए कोरोना पर विजय पा ली है। इसके लिए वहां की सरकार ने चार तरीके अपनाए जिनमें इंवेस्टिगेशन, जोखिम का मूल्यांकन, संपर्क वर्गीकरण और कॉन्टेक्ट मैनेजमेंट शामिल हैं।

इंवेस्टिगेशन- मरीज के बारे में पूरी जानकारी जुटाई गई। मेडिकल हिस्ट्री खंगाली गई, मरीज के डॉक्टर से सुझाव लिए गए। परिवार से पूरी जानकारी ली।

जोखिम का मूल्यांकन-  जानकारी वेरिफाई की, मेडिकल रिकॉर्ड जांचे, फोन लोकेशन ट्रैक किए, कार्ड ट्रांजैक्शन का पता लगाया।

संपर्क वर्गीकरण- करीबी लोगों की जानकारी जुटाई, दोस्तों, रिश्तेदारों के बारे में पूछा, पुरानी बीमारी जानी।

कॉन्टैक्ट मैनेजमेंट- मरीज के संपर्क में आए लोगों को क्वारंटीन किया, उनके कहीं भी आने-जाने पर रोक लगाई।

सिंगापुर का मास्टर स्ट्रोक

सिंगापुर कोरोना वायरस को लेकर पहले से ही सजग था। सिंगापुर ने कोरोना को रोकने के लिए समय रहते ही अंतरराष्ट्रीय यात्राओं पर प्रतिबंध लगा दिया था। बता दें कि चीन के बाद कोरोना वायरस सिंगापुर ही पहुंचा था, लेकिन सरकार की तैयारी जबरदस्त थी। सिंगापुर में कोरोना के 80 फीसदी मामले बाहर से आए लोगों के कारण थे, जिन्हें सरकार ने एक सप्ताह में शून्य तक पहुंचा दिया।

सिंगापुर के चार बड़े फैसले

ट्रैवल बैन, लॉकडाउन, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग, मास्क पर जोर।

चीन, इटली, स्पेन समेत 9 देशों के लोगों पर रोक सीसीटीवी के जरिए बाहर से आए लोगों को ढूंढकर टेस्ट।

कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग से संक्रमित जिन लोगों से मिले उनका पता लगाया।

ट्रेस टुगेदर एप लाए। इससे पता चलता है कि संक्रमित से मिले या नहीं।

Related Articles

Back to top button