बढ़ी फीस पर जेएनयू छात्र संघ आज निकालेगी संसद तक मार्च, बढ़ी फीस के मुद्दे पर छिड़ा है घमासान
JNU के हॉस्टल फीस में भारी बढ़ोत्तरी के चलते जेएनयू प्रशासन और छात्रों के बीच टकराव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अब जेएनयू छात्र संघ ने हॉस्टल फीस बढ़ाने के खिलाफ जेएनयू से संसद तक मार्च निकालने का ऐलान किया है. यह मार्च सोमवार सुबह 10 बजे जेएनयू से निकलेगा और संसद पहुंचेगा।
बता दें कि जेएनयू छात्रसंघ बढ़ी फीस के अलावा अन्य मुद्दों पर भी मार्च निकालेगा. छात्र संघ की ओर से जारी नोट में कहा गया है कि फरवरी 2019 के सीएजी रिपोर्ट के मुताबिक सेकेंड्री और हायर से 94,036 करोड़ रुपयों का इस्तेमाल नहीं किया गया. सीएजी रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र है कि 7298 करोड़ रुपये रिसर्च और विकास कार्यों में खर्च होने थे जो नहीं हुए।
छात्र संघ का दावा है कि नेशनल एजुकेशन पॉलिसी ने पब्लिक फंडेड एजुकेशन के दरवाजे विदेशी और कॉर्पोरेट शिक्षा के लिए बंद कर दिए हैं क्या इसी वजह से ऐसा हुआ है। छात्र संघ ने कहा कि 5.7 लाख करोड़ बैड लोन और 4 लाख करोड़ टैक्स रिबेट्स कॉर्पोरेट को दिए गए. लेकिन पब्लिक फंडेड एजुकेशन के लिए कुछ नहीं दिया गया। सीबीएसआई, आईआईटी, नवोदय विद्यालय और उत्तराखंड में भी बढ़ी हुई फीस को भी खारिज किया है साथ ही कहा है कि भारत के अन्य विश्वविद्यालयों में भी फीस कम की जाए।
छात्र संघ ने कहा कि देश में विदेशी विश्वविद्यालय नहीं खुलने चाहिए साथ ही किसी भी तरह से पब्लिक फंडेड यूनिवर्सिटी पर प्रहार नहीं होना चाहिए। छात्र संघ ने देश के सांसदों से सवाल किया है कि बढ़ी हुई फीस पर वे साथ देंगे।
छात्र संघ ने कहा कि क्या सभी के लिए वे पब्लिक फंडेड एजुकेशन की मांग करेंगे ? क्या वे पब्लिक फंडेड एजुकेशन पर हो रहे प्रहार को रोकेंगे? छात्र संघ का कहना है कि छात्र आगे बढ़कर मांग करें साथ ही नीति निर्माताओं को इस बात का जवाब देने दें कि शिक्षा अधिकार है, विशेषाधिकार नहीं।



