रायपुर में कॉलेज खोल MBBS, BAMS और DAMS की बांटता था फर्जी डिग्री, कर चुका है करोड़ो की जालसाजी
फर्जी मेडिकल काॅलेज खोलकर MBBS, BAMS और DAMS की फर्जी डिग्री बांटकर पैसे वसूली करने वाले गिरोह का सिविल लाइंस पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गिरोह के मास्टर माइंड संचालक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को दुर्ग के अमलेश्वर से पकड़ा है। रायपुर में मठपारा के रहने वाले शैलेंद्र ग्वालारे को गिरफ्तार किया गया है। उसके खिलाफ सिविल लाइंस में धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है।
बता दें कि आरोपी बेरोजगारों युवकों को डॉक्टर बनने का सपना दिखाकर उनसे पैसे वसूलता था और उनको फर्जी डिग्री बनाकर दे देता था। यही नहीं उसने न सिर्फ छत्तीसगढ़, यूपी, झारखंड, ओडिशा समेत कई राज्यों के युवकों को फर्जी डिग्री देकर अब तक करोड़ों की ठगी कर चूका है।
बताया गया कि आरोपी शैलेंद्र एमबीबीएस की डिग्री के लिए 60 हजार रुपए की वसूली करता था तो वहीं बीएएमएस व डीएएमएस के लिए 40 हजार रुपए की वसूली करता था। अब तक 200 युवकों से 8 कराेड़ रुपए से ऊपर की वसूली की जा चुकी है। अनुमान लगाया जा रहा है कि ठगी की रकम और भी बढ़ सकती है जिसकी जाँच की जा रही है।
बता दें कि मध्यप्रदेश के डिडौंरी भानपुर निवासी जनकदास सोनवानी पेंटर का काम करता था और 12वीं तक पढ़ा है। साल 2013 में प्रकाश दास निवासी ग्राम धुरकुटा और श्रवण कुमार ग्राम कामटी जिला कवर्धा से मुलाकात हुई। दोनों ने इंडियन अल्टरनेटिव मेडिकल काॅलेज में पैसे पर डिग्री मिलना बताया। कॉलेज संचालक ग्वालारे ने जनक से 60 हजार रुपए मांगे। बाद में 40 हजार रुपए लेकर डीएएमफ की डिग्री थमा दी। इसकी भनक लगने पर उसने पुलिस से शिकायत की तब जाकर यह पूरा मामला पकड़ में आया।




