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ओ.पी.जे.यू. मे ‘दो दिवसीय’ अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन सम्पन्न, विद्वानों ने की गहन चर्चा

ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी, रायगढ़ द्वारा नवंबर अंतिम सप्ताह के दौरान आयोजित ‘एडवांसेस इन स्टील, पावर एंड कन्स्ट्रकशन टेक्नालजी’ विषय पर चतुर्थ दो-दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन सफलता पूर्वक संपन्न हुआ । इस सम्मेलन का आयोजन एसोसिएसन फॉर आइरन एंड स्टील टेक्नालजी (ए आई एस टी), अमेरिका, द मिनरल्स, मेटल्स एंड मटेरियल्स सोसाइटी (टी एम एस ), जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड, रायगढ़, सिनोस्टील एवं अन्हुई यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्नोलॉजी, चीन के सहयोग से आयोजित किया गया।

सम्मेलन का उद्घाटन में ओपीजेयू के कुलपति डॉ आर. डी. पाटीदार, ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए सम्मेलन की आवश्यकता एवं उपयोगिता के बारे मे जानकारी दी। उन्होने अत्यधिक कम समय मे ओपीजेयू द्वारा प्राप्त उपलब्धियों को भी सभी से साझा किया।

उन्होंने सभी को बताया की इस वर्ष ओपीजेयू को तीन बड़े सम्मान – ‘इमर्जिंग यूनिवर्सिटी ऑफ़ इंडिया,’ ‘मोस्ट ट्रस्टेड टेक्निकल यूनिवर्सिटी ऑफ़ इंडिया’ एवं ‘इमर्जिंग यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट’ प्राप्त हुए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. कमाची मुदाली ने इस्पात, बिजली और निर्माण प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की वर्तमान स्थिति के बारे में चर्चा की और कहा की आज के दौर मे तकनीकी विकास बहुत ही तेजी से हो रहा है और आवश्यकताएँ भी बहुत ज्यादा बढ़ रही हैं।

इस सम्मेलन के माध्यम से प्रतिभागियों को संबन्धित क्षेत्र मे अनुसंधान और विकास के नए क्षितिज की खोज और समकालीन चुनौतियों का सामना करने मे मदद मिलेगी तथा भविष्य के लिए नए आयाम गढ़े जा सकेंगे। उन्होंने स्टील, पावर एवं कंसट्रकशन के क्षेत्र की वर्तमान चुनौतियों की बात करते हुए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों को बताया।

उन्होने स्टील, पावर एवं कंसट्रकशन के क्षेत्र के आधुनिक प्रोडक्ट्स एवं उपयोग की जा रही नई तकनीकों के बारे मे बताते हुए वैज्ञानिकों को अनुसंधान के नए क्षेत्रों से भी परिचित कराया। विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ पन्ग रुइपेन्ग, डॉ. मुकेश कुमार, डॉ. इंद्रजीत भट्टाचार्य, डॉ बी. के. स्थापक (पूर्व-चांसलर, ओपीजेयू), श्री डी. के. सराओगी एवं मेजर जनरल एस. सी. मेस्टन (रिटायर्ड) ने सम्मलेन को सम्बोधित किया एवं अपने बहुमूल्य विचार सभी के साथ साझा किये। डॉ पी. एस. बोकारे, डीन-स्कूल ऑफ़ इंजीनियरिंग, ओपीजेयू ने अंत मे सभी अतिथियों का सम्मेलन मे शामिल होने के लिए आभार व्यक्त किया।

इस मौके पर सम्मेलन कि स्मारिका के विमोचन के साथ ही साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया जिसमे ओपीजेयू के छात्रों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रमों का अतिथियों ने बहुत आनंद उठाया। उदघाटन सत्र मे विश्वविद्यालय के सभी छात्र एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

सम्मेलन मे प्लेनरी व्याख्यानों के अलावा शोध पत्रों का भी वाचन सम्मिलित शोधार्थियों एवं विद्वानों द्वारा किया गया। सम्मेलन के दौरान ‘एनर्जी आडिट एन्ड एनर्जी मैनेजमेंट’ विषय पर कार्यशाला डॉ व्लादिमीर ममलीगा, डायरेक्टर एन्ड प्रोफ़ेसर, कीव यूनिवर्सिटी, उक्रेन द्वारा तथा ‘फटीग एन्ड इट्स क्रैक प्रिडिक्शन’ विषय पर कार्यशाला डॉ पवन कुमार, रिसर्च प्रोफ़ेसर, यूनिवर्सिटी ऑफ़ जोहान्सबर्ग , साउथ अफ्रीका द्वारा संचालित की गयी, जिसमें बड़ी संख्या में प्रतिभागी उपश्थित रहे तथा लाभान्वित हुए।

सम्मेलन के समापन सत्र मे डॉ बी. के. स्थापक (पूर्व-चांसलर, ओपीजेयू) ने कहा– “आशा है की यह अधिवेशन प्रतिभागियों की जानकारी और ज्ञान का स्तर बढ़ाने में मदद करेगा।“ ओपीजेयू के कुलपति डॉ आर. डी. पाटीदार ने सभी प्रतिभागियों एवं अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा की उनके प्रयासों एवं सहयोग के बिना इस अधिवेशन का आयोजन संभव नहीं था।

उन्होने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी प्रतिभागियों, स्पोंसर्स, सहकर्मियों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया और अंत मे सभी प्रतिभागियों से यह अपील की कि वह अपने साथ अच्छी बातों को ले जाएँ और शोध की दिशा मे और अधिक सार्थक प्रयास करें । इस अवसर पर उपस्थित प्रतिभागियों एवं अतिथियों ने अपने विचार व्यक्त किए और सम्मेलन को सार्थक बताया।

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